रविवारीय- अपने ही घर में पराया होने का दर्द- जब सम्मान की कमी इंसान को तोड़ देती है

घर… जहाँ इंसान अपने आप को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करता है। जहाँ से उसे पुरज़ोर सम्मान और भरोसे की…

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में 4 आत्महत्याएँ

डॉ. सत्यवान सौरभ (आखिर क्यों टूट रहे हैं छात्र?) भारतीय तकनीकी शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान, जिन्हें कभी “सपनों की फैक्ट्री”…

रविवारीय- स्टेपनी” जैसे लोग, मुश्किल वक्त के असली सहारे, पर अक्सर अनदेखे

स्टेपनी समय का पहिया भी अजीब है। इतनी तेजी से घूमता है कि उसकी गति का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो…

संसद में महिला आरक्षण: संवैधानिक जरूरत या राजनीतिक रणनीति?

 डॉ. प्रियंका सौरभ संसद में महिला आरक्षण का प्रश्न भारतीय लोकतंत्र के विकास और उसकी समावेशी प्रकृति से गहराई से…