बाल श्रम की व्यथा और कठोर श्रम करते हाथ मूल सुविधाओं से वंचित।

(1 मई ,अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर विशेष)  अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 1 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस केवल…

आरक्षण की बहस—समान अवसर, सामाजिक न्याय और बदलते समय की चुनौती

डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में आरक्षण पर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह मुद्दा नई परिस्थितियों और…

एक देश, एक पाठ्यक्रम: संघीयता का संकट या शिक्षा क्रांति?

डॉ सत्यवान सौरभ. “रुकने वालों का इतिहास नहीं होता। एक देश–एक पाठ्यक्रम… शिक्षा के नाम पर लूट का विरोध जारी रहना…