रेलवे स्टेशनों के बुक स्टॉलों पर पसरा सन्नाटा: क्या इंटरनेट युग ने छीन ली पढ़ने की संस्कृति?

डॉ. सत्यवान सौरभ भारतीय रेलवे स्टेशन केवल यात्रियों के आवागमन के केंद्र नहीं रहे हैं, बल्कि वे लंबे समय तक…

रविवारीय- ज़िंदगी की ट्रेन आउटर सिग्नल पर, हर पल को जी लेने का संदेश

अपना और अपने बच्चों का जन्मदिन, पत्नी के साथ शादी और शादी की सालगिरह के सुनहरे पलों को जीते हुए…

रविवारीय- सेवानिवृत्ति अंत नहीं, जीवन की दूसरी पारी की नई शुरुआत है

रिटायरमेंट अभी कुछ दिन पहले की ही बात है। हमारे एक मित्र का रिटायरमेंट था। मित्र के बनिस्बत सहयोगी कहना…

रविवारीय- जहाँ बुद्ध ने ली अंतिम साँस, कुशीनगर- वहीं इतिहास आज भी साँस लेता है

यह पता चलते ही कि आने वाले सप्ताह में तीन लगातार छुट्टियाँ आने वाली हैं, मन मचलने लगा । बेताब…

काँपी धरती, टूटी ज़िंदगियाँ

वेनेजुएला का भूकंप: मानवीय त्रासदी और आपदा-तैयारी की वैश्विक चेतावनी डॉ. प्रियंका सौरभ प्रकृति जब अपना रौद्र रूप दिखाती है,…