रविवारीय- विछोह का दर्द, बिछड़ना केवल किसी का जाना नहीं, बल्कि साझा सपनों और उम्मीदों का टूट जाना है

विछोह हमारा जीवन भी ना अनुभवों की थाती है। यहाँ मिलने की ख़ुशियाँ जितनी आनंदायक होती हैं बिछड़ने का दर्द…

अंतरराष्ट्रीय से घरेलू आंदोलन तक: विरोध की दुनिया में सबसे ताकतवर है घर का आंदोलन!

जीवन, स्वतंत्रता और हमारे ‘आंदोलन’ आजकल समाचारों में बस ‘प्रदर्शन और आंदोलन’ की ही खबरें छाई हुई हैं—उत्तर में प्रदर्शन,…

रविवारीय- कप्तान साहब की असली परीक्षा, पद की ऊँचाई से ज़्यादा ज़रूरी है ज़मीन से जुड़ा रहना

कप्तान साहब- पद, व्यक्तित्व और व्यावहारिक जीवन के बीच संतुलन की तलाश कप्तान साहब इस शहर में नए-नए आए हैं।…

अनंत सिंह-नीरज कुमार की सियासी जंग के पीछे क्या है बड़ा खेल? ललन सिंह की राजनीति और जदयू के भीतरघात पर उठे सवाल !

अनूप नारायण सिंह वरिष्ठ पत्रकार बिहार की राजनीति में इन दिनों मोकामा के अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच…

रविवारीय- अगले जन्म में मनुष्य नहीं, विदेशी नस्ल का कुत्ता बनना चाहता है मनु! आखिर क्यों ?

इंसान की हैसियत से बेहतर विदेशी नस्ल का कुत्ता होना! “मनु की रविवारीय’ में पढ़िए- अनोखी ख्वाहिश ने समाज पर…

रविवारीय- मंदिर के सामने बैठा वह बुज़ुर्ग, जो हर दिन एक सवाल छोड़ जाता है

मंदिर के सामने बैठा वह बुज़ुर्ग रोज़ाना मैं उस मंदिर के सामने से गुज़रता हूँ । गली के एक मुहाने…