आरक्षण की बहस—समान अवसर, सामाजिक न्याय और बदलते समय की चुनौती

डॉ. सत्यवान सौरभ भारत में आरक्षण पर बहस कोई नई नहीं है, लेकिन समय-समय पर यह मुद्दा नई परिस्थितियों और…

एक देश, एक पाठ्यक्रम: संघीयता का संकट या शिक्षा क्रांति?

डॉ सत्यवान सौरभ. “रुकने वालों का इतिहास नहीं होता। एक देश–एक पाठ्यक्रम… शिक्षा के नाम पर लूट का विरोध जारी रहना…

रविवारीय- अपने ही घर में पराया होने का दर्द- जब सम्मान की कमी इंसान को तोड़ देती है

घर… जहाँ इंसान अपने आप को सबसे अधिक सुरक्षित महसूस करता है। जहाँ से उसे पुरज़ोर सम्मान और भरोसे की…

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में 4 आत्महत्याएँ

डॉ. सत्यवान सौरभ (आखिर क्यों टूट रहे हैं छात्र?) भारतीय तकनीकी शिक्षा के प्रतिष्ठित संस्थान, जिन्हें कभी “सपनों की फैक्ट्री”…