अपना और अपने बच्चों का जन्मदिन, पत्नी के साथ शादी और शादी की सालगिरह के सुनहरे पलों को जीते हुए और दोस्तों के साथ हँसते खेलते मस्ती करते हुए हम कब बड़े ही हौले से इस

स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक
अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा
मुक़ाम पर आ पहुँचे हैं, उम्र के उस पड़ाव पर जहाँ ज़िंदगी का सफ़र अब थमgʻता हुआ नज़र आ रहा है ।
ट्रेन आउटर सिग्नल पर खड़ी है और केबिन मैन के इशारे का इंतज़ार कर रही है कि कब सिग्नल की बत्ती हरी हो और ट्रेन प्लेटफ़ार्म पर पहुँचे ।
माना ज़िंदगी एक सफ़र है, पर कहीं ना कहीं इस सफ़र का अंत तो होना तय है । पड़ाव पर हमें रूकना ही होगा । सफ़र अंतहीन नहीं होने वाला । आप किसी मुग़ालते में ना रहें।
चलिए, वो पड़ाव अब दिखाई देने लगा है । दिल्ली अब दूर नहीं है । ट्रेन आउटर सिग्नल पर खड़ी है । प्लेटफ़ार्म पर जाने के लिए अपनी बारी का इंतज़ार कर रही है । वो दूर जो रोशनी दिख रही है ,शायद वो स्टेशन ही तो जहाँ कुछ लोग उतरेंगे और कुछ चढ़ेंगे ।
ज़िंदगी के इस सफ़र का हर पल एक सुहाना पल है । आप और हम इसका भरपूर आनंद लें । दुबारा यह पल लौट कर आपके पास नहीं आने वाला । आप कहते ज़रूर हैं “ कल करेंगे “ , पर यह कल कहाँ लौट कर आता है । शायद मनु यही तो ख़ूबसूरती है ज़िंदगी के इस सफ़र की जहाँ हर पल नयापन लेकर आता है । पल भर में जहाँ ज़िंदगी बदल जाती है । जहाँ ज़िंदगी जीने के मायने बदल जाते हैं वहाँ आप किस पड़ाव की तलाश कर रहे हैं । भ्रम में जी रहे हैं आप । भ्रम से बाहर निकलिए । सब कुछ प्रोग्राम किया हुआ है । कल जब आपके पेट में दर्द होता था तब आप उसे नज़रअंदाज़ करते हुए कहते थे- शायद अपच या गैस का दर्द होगा, पर आज जब वाक़ई अपच या गैस से पेट दर्द करता है तो मानो दिल की धड़कन बढ़ गई है और ऐसा लगता है अब कभी भी यह रूक सकती है । आप एक अनजाने से भय से सिहर उठते हैं । हमने पहले ही कहा है पल भर में ही ज़िंदगी के मायने बदल जाते हैं और किसी किसी मामले में तो आपको पता भी नहीं चलता है । दुनिया इधर की उधर हो जाती है फिर भी हम उस अनजान से भय से भयभीत हो जाते हैं जिसे हमने देखा भी नहीं है और शायद देख भी नहीं पाएंगे । आने वाला वक्त हमारे लिए कैसा रहेगा हमें कहाँ मालूम । सब मायाजाल है और हम हैं कि इसी मायाजाल और मोहमाया को सच मान इसमें ग़ोते लगाते रहते हैं । मनु अगर आप अगर सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं तो हमेशा एक्सप्रेसवे के सफ़र का आनंद नहीं मिलने वाला । सड़कों पर Rumble Strips भी होंगे और Sleeping Policemen भी । कभी पहाड़ों के घुमावदार रास्ते भी मिलेंगे तो कभी उबड खाबड़ पथरीले रास्ते भी । आपको अपने आप को उनके साथ सामंजस्य बनाकर चलना होगा । क्यों किसी से किसी बात की शिकायत । सभी राह में चलने वाले राही हैं कहाँ किसी से फिर मुलाक़ात होनी है ।
इसलिए जो पल हमारे पास है, उसे पूरी शिद्दत से जी लें। यादों के कुछ उजाले अपने साथ सँजो लें, क्योंकि न जाने ज़िंदगी की शाम किस गली में आ जाए
“उजाले अपनी यादों को हमारे साथ रहने दो,न जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो जाए “
मनीश वर्मा मनु
