पटना, 21 मई 2026 पटना और आस-पास के क्षेत्रों से उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ विंध्यवासिनी धाम (विंध्याचल) जाने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए रेल मंत्रालय से दो प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की गई है। इस संबंध में पटना के प्रमुख नागरिकों और माँ विंध्यवासिनी के भक्तों ने रेल मंत्री को एक सामूहिक पत्र भेजकर अपनी परेशानियों से अवगत कराया है।
मुख्य मांगें और यात्रियों की परेशानियां:
ट्रेनों के ठहराव की मांग- श्रद्धालुओं ने गाड़ी संख्या 12141 (पाटलिपुत्र सुपरफास्ट एक्सप्रेस) एवं गाड़ी संख्या 12142 (मुंबई एल.टी.टी. सुपरफास्ट एक्सप्रेस) का विंध्याचल स्टेशन (स्टेशन कोड: BDL) पर स्थायी ठहराव दिए जाने का आग्रह किया है।
सीमित परिवहन साधन:
वर्तमान में विंध्याचल जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से पटना लौटने के लिए पूरे दिन में मात्र 1 या 2 ट्रेनें ही उपलब्ध हैं। इसके कारण दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं को ट्रेन के अभाव में पूरा-पूरा दिन स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है।
श्रद्धालुओं की भारी संख्या:
पटना से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त माँ विंध्यवासिनी के दर्शन हेतु विंध्याचल जाते हैं और वहां से वापस लौटते हैं। उचित ट्रेन सेवा न होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थिति:
विंध्याचल स्टेशन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से 70 किलोमीटर पश्चिम और प्रयागराज जंक्शन से 80 किलोमीटर पूर्व में स्थित है, जो इस रूट की ट्रेनों के लिए एक व्यावहारिक और बेहद जरूरी स्टॉपेज साबित हो सकता है।
हस्ताक्षरकर्ता एवं समर्थक:
इस मांग का समर्थन करने वालों में पटना के गणमान्य नागरिक शामिल हैं, जिनमें मुख्य रूप से निलेश रंजन (श्रीकृष्णापुरी), अशोक कुमार (कौटिल्य नगर), सुशील कुमार (लोहानीपुर), अखिलेश कुमार, समर कुमार सिन्हा (कंकड़बाग) के साथ-साथ किशोर कुमार सिन्हा, आनंद मोहन, पप्पू कुमार, मुकेश कुणाल, अविनाश कुमार, उदय प्रकाश एवं अन्य सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हैं।
भक्तगणों और स्थानीय यात्रियों ने रेल मंत्री से विनम्र आग्रह किया है कि जनहित और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए इन ट्रेनों के ठहराव को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए।
