भुवनेश्वर, 8 सितंबर। जानी-मानी आध्यात्मिक गुरु साध्वी ऋतम्भरा ने मंगलवार को KIIT और KISS विश्वविद्यालय परिसर का दौरा किया। उन्होंने KISS को एक ‘असाधारण’ संस्थान बताते हुए कहा कि यहां सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता का अनुभव होता है।
‘KISS देश का असाधारण संस्थान’
छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि वह कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही हैं। इसके बावजूद शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. अच्युत सामंत द्वारा स्थापित KISS उन्हें देश का एक असाधारण संस्थान लगा।
‘खुशी को शब्दों में बयां करना मुश्किल’
उन्होंने कहा, “यहां आकर मुझे इतनी खुशी हुई है कि इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। KISS में सभी तीर्थस्थलों की पवित्रता और सभी देवताओं की दिव्यता समाहित है।”
डॉ. सामंत के समर्पण की सराहना
KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि KISS एक व्यक्ति के समर्पण और तपस्या का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “आज मैंने यहां देखा है कि तपस्या, कड़ी मेहनत और समर्पण का असल अर्थ क्या होता है।”
‘यही असली भारत है’
KISS में बच्चों के अनुशासन और संस्कारों को देखकर साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि उन्हें लगा, “यही असली भारत है।” उन्होंने KISS के विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें गर्व होना चाहिए कि वे डॉ. सामंत के मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आत्मनिर्भरता से ही आत्मसम्मान
उन्होंने कहा कि लोगों को केवल दूसरों को सलाह देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा, “यहां बच्चों को न केवल आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाया जाता है, बल्कि आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया जाता है। कोई व्यक्ति तभी आत्म-सम्मान के साथ जी सकता है, जब वह आत्मनिर्भर हो।”
अतिथियों का किया गया स्वागत
कार्यक्रम के दौरान KIIT और KISS के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने स्वागत भाषण दिया। KISS के कुलपति प्रो. सरनजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि जाने-माने शिक्षाविद् अशोक पांडे ने अतिथियों का परिचय कराया।
