पटना। शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और ध्यान में काफी समय व्यतीत करते हैं। हालांकि, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठकर पूजा करने, गलत पोस्चर अपनाने और बीच-बीच में शरीर को आराम नहीं देने के कारण कई लोगों को कमर दर्द, गर्दन में अकड़न, घुटनों में दर्द तथा मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस विषय पर लोगों को जागरूक करते हुए डॉ. सूर्यशंकर कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट एवं डायरेक्टर, एंड्यूरिंग रिहैब (Enduring Rehab), पटना ने नवरात्रि के दौरान पूजा-पाठ के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने शरीर की सही स्थिति, बैठने के तरीके और आराम का ध्यान रखना भी जरूरी है। लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठने से गर्दन, कमर और घुटनों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है, जिससे दर्द और परेशानी बढ़ सकती है।
डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने बताया कि पूजा के दौरान जमीन पर पालथी मारकर लंबे समय तक बैठने से कुछ लोगों को घुटनों और कूल्हों में परेशानी हो सकती है। वहीं, आगे झुककर बैठने या गर्दन को लंबे समय तक नीचे रखने से गर्दन और कमर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, पहले से जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों तथा कमर और गर्दन की समस्या से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि पूजा के दौरान पीठ को यथासंभव सीधा और आरामदायक स्थिति में रखें। जरूरत पड़ने पर पीठ को सहारा देने के लिए तकिये या कुशन का उपयोग करें। यदि जमीन पर बैठने से घुटनों में दर्द होता है, तो कुर्सी या ऐसी सुविधाजनक सीट का इस्तेमाल करें, जिससे शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने के बजाय बीच-बीच में सावधानीपूर्वक स्थिति बदलें और थोड़ी देर खड़े होकर या हल्की चाल चलकर शरीर को आराम दें। अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार हल्की स्ट्रेचिंग और सहज गतिविधियां भी लाभकारी हो सकती हैं।
डॉ. कुमार ने आगे कहा कि यदि पूजा-पाठ के दौरान या उसके बाद लगातार दर्द, अकड़न अथवा चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लेना उचित है। फिजियोथेरेपी के माध्यम से व्यक्ति की समस्या और शारीरिक स्थिति का आकलन कर उचित व्यायाम, पोस्चर सुधार तथा दर्द को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपचार की सलाह दी जा सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर व्यक्ति की समस्या अलग होती है, इसलिए उपचार भी उसकी आवश्यकता के अनुसार होना चाहिए। समय पर उचित सलाह लेने और सही आदतें अपनाने से कई प्रकार की मांसपेशियों एवं जोड़ों से जुड़ी परेशानियों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
अंत में डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने सभी श्रद्धालुओं को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मां दुर्गा की आराधना के इस पावन अवसर पर सभी लोग भक्ति के साथ अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। उन्होंने कामना की कि मां दुर्गा सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।
डॉ. सूर्यशंकर कुमार
फिजियोथेरेपिस्ट एवं डायरेक्टर
Enduring Rehab, Patna
