पटना। शहर के खान-पान प्रेमियों के लिए पारंपरिक राजस्थानी स्वाद का अनूठा अनुभव लेकर विशेष राजस्थानी फूड फेस्टिवल रॉयल रीपास्ट राजस्थान का होटल मौर्या में शुभारंभ किया गया। 17 से 26 जुलाई तक होटल के स्पाइस कोर्ट में आयोजित इस फेस्टिवल में राजस्थान की समृद्ध पाक विरासत को दर्शाने वाले शाकाहारी एवं मांसाहारी व्यंजनों की विस्तृत श्रृंखला परोसी जाएगी। 26 वर्षीय अनुभव वाले देश के प्रख्यात राजस्थानी शेफ अक्षराज जोधा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि बिहारी और राजस्थानी खान-पान में कई सांस्कृतिक और स्वाद संबंधी समानताएं हैं। दोनों राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों में मसालों, अनाज और देसी स्वाद का विशेष महत्व है।
उन्होंने कहा कि राजस्थानी भोजन में उपयोग होने वाली अधिकांश सामग्री ऐसी होती है जिसे पूरे वर्ष सुरक्षित रखा जा सकता है और उसका स्वाद व गुणवत्ता भी बरकरार रहती है। यही कारण है कि राजस्थानी व्यंजन हमेशा ताजगी और पारंपरिक स्वाद का अहसास कराते हैं। फेस्टिवल में परोसे जा रहे व्यंजनों को पारंपरिक रेसिपी और असली मसालों के साथ तैयार किया गया है, ताकि मेहमानों को शाही राजस्थानी भोजन का वास्तविक अनुभव मिल सके। मेन्यू में पनीर के सूले, सांगरी के कबाब, मंगोड़ी कबाब, अचारी केर सांगरी, गोविंद गट्टे, राजस्थानी कढ़ी, पापड़ पनीर, पनीर मेथी दाना,लाल मांस, माछी अखेसागर, दाल पंचमेल, बाटी, चूरमा, कुबुली पुलाव, लहसुन की चटनी, मिर्ची टपोरा, बेजड़ की रोटी, मालपुआ और मूंग दाल हलवा जैसे अनेक पारंपरिक व्यंजन शामिल हैं।
होटल मौर्या के एफ एंड बी मैनेजर निशित कुमार ने कहा कि होटल मौर्या हमेशा अपने मेहमानों को देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध पाक परंपराओं से रूबरू कराने का प्रयास करता है। रॉयल रीपास्ट राजस्थान फूड फेस्टिवल उसी कड़ी का एक विशेष आयोजन है, जिसमें मेहमानों को प्रामाणिक राजस्थानी स्वाद और शाही आतिथ्य का अनुभव मिलेगा।
होटल मौर्या के एक्जीक्यूटिव शेफ ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि इस फेस्टिवल के प्रत्येक व्यंजन को पारंपरिक विधि और मूल राजस्थानी मसालों के साथ तैयार किया गया है। हमारा उद्देश्य केवल भोजन परोसना नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध खाद्य संस्कृति और उसके असली स्वाद को मेहमानों तक पहुंचाना है। मौके पर होटल के शू शेफ कौशल झा, रेस्टोरेंट मैनेजर राकेश कुमार भी मौजूद रहे।
