रविवारीय-मिट्टी का शरीर है अपना, मिट्टी में ही मिल जाना है

पृथ्वी लोक पर उसका समय अभी पूरा नहीं हुआ था। धर्मराज की सूची में भी उसका नाम शामिल नहीं था।…

हरियाणा का खराब लिंगानुपात क्यों नहीं बना चुनावी मुद्दा?

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के शुरुआती साल 2014 में लिंगानुपात में कुछ सुधार के बाद हरियाणा में यह फिर…

रविवारीय- कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता! कहीं ज़मीं तो कहीं आसमाँ नहीं मिलता!! निदा फ़ाज़ली चलिए शुरुआत करते हैं…

देश की स्त्रियों के मूल अधिकारों की विडंबना

देश की विशाल जनसंख्या में लगभग 50% की भागीदारी रखने वाली राष्ट्र की संवेदनशील माताएं ,बहने अपने मूल तथा सार्थक…