रविवारीय- बदलाव अपरिहार्य है, लेकिन हम इसे कैसे अपनाएं?

अस्सी के दशक की बात है। पिताजी का स्थानांतरण पटना से रांची हो गया था। तब बिहार अविभाजित था। झारखंड…

पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर, हज़ारों दिनों से संघर्ष जारी, कब मिलेगा न्याय?

पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर, हरियाणा के इतिहास में सबसे लंबे कर्मचारी आंदोलनों में से एक। डिप्लोमा वेटरनरी एसोसिएशन…

भारत में गर्मी का जल्दी आना और लू का बढ़ना

बढ़ते तापमान से कृषि, जल संकट, सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। फरवरी में असामान्य रूप…

रविवारीय- क्या ईमानदारी और शालीनता अब कमजोरी बन गई है ?

कुछ दिन पहले की बात है, मैं सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई जी की पुस्तक “निठल्ले की डायरी” के पन्नों को…