‘तृतीय परमाणु युग’: बदलती दुनिया और डगमगाते वैश्विक मानदंड

रूस-यूक्रेन युद्ध, चीन की आक्रामकता और उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के बीच दुनिया एक नए परमाणु युग में प्रवेश…

कोचिंग का क्रेडिट, स्कूल की गुमनामी: शिक्षकों के साथ यह अन्याय कब तक?

आज कोचिंग संस्थानों को छात्रों की सफलता का सारा श्रेय मिलता है, जबकि वे शिक्षक गुमनाम रह जाते हैं जिन्होंने…

“प्रेम, पीड़ा और प्रश्नों की गाथा: ‘राज सर आईपीएस'”

“जब व्यवस्था प्रेम को निगल गई: मंजू वर्मा की आत्मकथा पर एक दृष्टि” एक अधूरी कहानी का दस्तावेज: ‘राज सर…

रविवारीय- “चरित्र बनाम भाग्य: कहावत के पीछे का सच और समाज की सच्चाई”

“औरत का चरित्र और मर्द का भाग्य…” – एक सामाजिक विमर्श “त्रिया चरित्रं, पुरुषस्य भाग्यम; देवो न जानाति कुतो मनुष्यः”…