जाति, ईर्ष्या और जीवन: नौकरशाही का स्याह पहलू

(एक गोली, पंद्रह नाम और खामोशी) (जाति-आधारित अपमान, साइड पोस्टिंग और मानसिक उत्पीड़न—अब एक अधिकारी की चुप्पी चीख़ जैसी है।)…

आपातकाल के अंधकार से शताब्दी के प्रकाश तक : संघ की यात्रा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 1975 के आपातकाल के दौरान लाखों स्वयंसेवकों ने जेल…

रविवारीय- हर साल रावण जलता है, फिर भी क्यों नहीं मिटती बुराई?

अभी-अभी दो दिन पहले ही तो हम सबने रावण को जलाया है। लंका के अहंकारी राक्षस-राजा रावण को उसके भाई…

ट्रॉफी का शौक है तो खरीद कर भी खुश हो सकते हैं, चोरी की क्या जरूरत

मधुप मणि “पिक्कू” पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को उसके चेयरमैन ने पाकिस्तान कॉमेडी बोर्ड बना दिया है। इस कॉमेडी बोर्ड…