रविवारीय- खंडहर बनती हवेली और खोती विरासत, समय के साथ न चल पाने की पीड़ा

️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा आँखें खुली तो अपने आप को…

रविवारीय- प्रदूषण, हमारी हवा, हमारी ज़िम्मेदारी

️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा आज सुबह जैसे ही आँखें खुली,…

जब इलाज भी बाज़ार बन जाए: भारत में स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई

भारत में बढ़ती निजीकरण प्रवृत्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय की कमी: क्या ‘स्वास्थ्य का अधिकार’ सच में न्यायालयों में लागू…

एकांत का सौंदर्य और भीतर की यात्रा: बदलते समय में आत्मिक अनुशासन की आवश्यकता

बाहरी दुनिया की चकाचौंध के बीच भीतरी संसार को सँभालना ही जीवन का सबसे बड़ा संतुलन  आज का मनुष्य निरंतर…

विशाल दफ्तुआर ने गढ़ी मानवाधिकार की एक नई परिभाषा

मानवाधिकार पाने के लिये मानवीय व्यवहार जरूरी मानवाधिकार और मानव कर्तव्य एक दूसरे के पूरक भारत के मशहूर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार…

रविवारीय- बदलती दुनिया और हमारी पीढ़ी की यादें- “मनु की बतकही”

️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा मनु की बतकही चलिए आज कुछ…