रविवारीय – वैश्विक संकट पर ‘आम आदमी’ की नजर, दाल-रोटी के बीच सीमित सोच का दायरा

🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा वैश्विक संकट और आम आदमी एक…

रविवारीय- सोशल मीडिया का मायाजाल, सरल जीवन से डिजिटल निर्भरता तक का सफर

🖋️ मनीश वर्मा ‘ मनु ‘ स्वतंत्र टिप्पणीकार और विचारक अधिकारी, भारतीय राजस्व सेवा सोशल मीडिया और हम तब सोशल…

प्रतिभा का सम्मान या संबंधों का विस्तार?

सम्मान की आड़ में बढ़ता दिखावा, और संघर्षरत प्रतिभाओं की अनदेखी—क्या ये समारोह प्रेरणा हैं या केवल प्रभाव दिखाने का…

कार्यस्थल, महिला स्वास्थ्य और मासिक धर्म अवकाश

(क्या अनिवार्य अवकाश नीति महिलाओं के अधिकारों को सशक्त बनाती है या उनके पेशेवर अवसरों को सीमित करने का जोखिम…

शिक्षित हो रहा भारत का युवा, लेकिन रोज़गार की राह अब भी चुनौतीपूर्ण

भारत में कामकाज की स्थिति 2026 भारत का युवा कार्यबल बढ़ रहा है और पहले से ज़्यादा शिक्षा हासिल कर…