सत्या पॉल ने लंदन में प्रिंट, ड्रेप और कलात्मक अभिव्यक्ति की अपनी विरासत को किया प्रदर्शित

लंदन, 3 जून 2026 भारत के प्रतिष्ठित फैशन ब्रांड सत्या पॉल (Satya Paul) ने एसएक्सएसडब्ल्यू लंदन (SXSW London) में अपने विशेष शोकेस अनटेम्ड (Untamed) के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी पहचान को नए अंदाज में प्रस्तुत किया। यह आयोजन लंदन के ऐतिहासिक लैंकेस्टर हाउस (Lancaster House) में हुआ।

क्रिएटिव डायरेक्टर असीम कपूर के नेतृत्व में यह सत्या पॉल की पहली अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति थी। इसके साथ ही ब्रांड ने अपने मेन्स वियर (Menswear) कलेक्शन को भी पहली बार वैश्विक दर्शकों के सामने पेश किया।

यह शो यूनाइटेड किंगडम के डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड के आमंत्रण पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फैशन, कला, संगीत और मूवमेंट का अनूठा संगम देखने को मिला।

अनटेम्ड सत्या पॉल की स्वतंत्र सोच, आत्म-अभिव्यक्ति और रचनात्मक स्वतंत्रता का प्रतीक बना। शो में प्रिंट, ड्रेप, मूवमेंट और संगीत को एक साथ जोड़कर एक खास सांस्कृतिक अनुभव तैयार किया गया।

प्रस्तुति का मुख्य आकर्षण साड़ी रही, जिसे सत्या पॉल की पहचान माना जाता है। साड़ियों को नए और आधुनिक ड्रेप्स के साथ प्रस्तुत किया गया। डिजाइनों में प्रकृति, इतिहास और भारतीय मूर्तिकला की झलक दिखाई दी।

रंगों से भरपूर प्रिंट्स, नई सिल्हूट्स और प्रयोगधर्मी ड्रेपिंग ने कलेक्शन को अलग पहचान दी। शो में ब्रांड के प्रसिद्ध ज़ेब्रा मोटिफ, पक्षियों से प्रेरित प्रिंट्स और ग्राफिक पैटर्न्स को नए रूप में पेश किया गया।

सत्या पॉल मेन्स वियर ने आधुनिक पुरुषों के लिए एक नई फैशन सोच को सामने रखा। यह कलेक्शन व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और विशिष्ट शैली पर आधारित है। इसमें ट्रैवलर (Traveller) और कलेक्टर (Collector) जैसी प्रिंट कहानियां शामिल हैं। अभिनेता डैनिश पंडोर (Danish Pandor) ने शोकेस में रैंप वॉक कर इस कलेक्शन को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध तालवादक, संगीतकार और निर्माता सारथी कोरवार (Sarathy Korwar) तथा ब्रिटिश-तमिल मूवमेंट आर्टिस्ट हाशना सिवा (Hashna Siva) की विशेष प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। भारतीय तालवाद्य, भरतनाट्यम और समकालीन मूवमेंट के मेल ने दर्शकों को एक अनूठा अनुभव दिया।

इस अवसर पर सत्या पॉल के क्रिएटिव डायरेक्टर असीम कपूर ने कहा,

सत्या पॉल में प्रिंट कभी केवल एक सतही सजावट नहीं रहा है, बल्कि यह हमेशा एक दृष्टिकोण रहा है। दशकों से यह ब्रांड प्रिंट को व्यक्तित्व, भावनाओं और सांस्कृतिक कहानियों को व्यक्त करने की भाषा के रूप में इस्तेमाल करता आया है। लंदन में इस विरासत को प्रस्तुत करने का उद्देश्य इसे वैश्विक मंच तक पहुंचाना था, साथ ही यह दिखाना भी था कि भारतीय डिजाइन किस तरह समकालीन, इमर्सिव और वैश्विक रूप से प्रासंगिक बने रह सकते हैं।”

सत्या पॉल के लिए लंदन केवल एक शोकेस का मंच नहीं था, बल्कि रचनात्मक संवाद का एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र भी था। इस प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि भारतीय डिजाइन अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए भी दुनिया के रचनात्मक समुदायों के साथ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है।

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