पटना, 3 जून 2026 मंत्री, सूचना प्रावैधिकी विभाग, बिहार, नीतीश मिश्रा ने बताया कि आज आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में “बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026” के गठन को स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय राज्य में डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने तथा सूचना प्रावैधिकी आधारित सेवाओं को जिला एवं क्षेत्रीय स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के प्रति जताया आभार
श्री मिश्रा ने बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026 को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर माननीय मुख्यमंत्री बिहार श्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों का भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह पहल बिहार में डिजिटल सुशासन को नई दिशा और गति प्रदान करेगी।
आईटी के बढ़ते महत्व के अनुरूप नई व्यवस्था
श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना प्रावैधिकी के क्षेत्र में तेजी से विस्तार हो रहा है तथा इसके उपयोग के आयाम लगातार बढ़ रहे हैं। शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में डिजिटल तकनीकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में प्रमंडलीय कार्यालयों, जिला स्तरीय कार्यालयों तथा प्रखंड स्तर तक हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर एवं ऑटोमेशन से संबंधित आवश्यकताओं की आपूर्ति अब अनिवार्य आवश्यकता बन चुकी है।
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समर्पित आईटी तंत्र की जरूरत
उन्होंने कहा कि सूचना प्रावैधिकी से संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न नीतियों, कार्यक्रमों तथा विधिक प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन मुख्यालय से लेकर क्षेत्रीय कार्यालयों तक सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए एक सुदृढ़ एवं समर्पित सूचना प्रावैधिकी सेवा तंत्र की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
आईटी परियोजनाओं के बेहतर संचालन पर रहेगा जोर
मंत्री ने बताया कि राज्य में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित आईटी परियोजनाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन, निगरानी, समन्वय तथा समयबद्ध रोलआउट के लिए जिला एवं क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशासनिक संरचना का होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026 का गठन किया गया है।
जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों का होगा सृजन
उन्होंने कहा कि इस नियमावली के गठन के उपरांत सूचना प्रावैधिकी विभाग के जिला एवं क्षेत्रीय कार्यालयों का सृजन होगा। इन कार्यालयों में जिला ई-गवर्नेंस पदाधिकारी सहित अन्य तकनीकी पदाधिकारियों की पदस्थापना की जाएगी, जिससे विभागीय योजनाओं एवं परियोजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।
आम नागरिकों को मिलेगा बेहतर डिजिटल अनुभव
श्री मिश्रा ने कहा कि नई व्यवस्था से आम नागरिकों का विभाग के साथ डिजिटल जुड़ाव और अधिक सशक्त होगा। साथ ही, क्षेत्रीय स्तर पर आईटी सेवाओं से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। इससे ई-गवर्नेंस सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को नई मजबूती मिलेगी।
तकनीक-संचालित सुशासन के मॉडल की ओर बिहार
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार सूचना प्रावैधिकी सेवा नियमावली, 2026 राज्य में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देने के साथ-साथ बिहार को तकनीक-संचालित सुशासन के मॉडल के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
