पटना,बिहार हितैषी पुस्तकालय का 142वीं वर्षगाँठ समारोह भव्य कवि सम्मेलन के साथ सम्पन्न हुआ।
प्रथम सत्र का उद्घाटन नन्दकिशोर यादव द्वारा किया गया। उन्होंने पुस्तकालय से अपने जुड़ाव की चर्चा करते हुए हर्ष ज़ाहिर किया कि आज पटना सिटी का यह दर्शनीय स्थल बन चुका है।अध्यक्ष हरिहर सिन्हा ने घोषणा की कि 142वीं वर्षगाँठ के अवसर पर पूरे साल तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। इस अवसर पर उपाध्यक्ष देवानंद तिवारी ने स्वागत भाषण किया जबकि प्रधान सचिव महेंद्र अरोड़ा ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को शॉल ओढ़ा कर एवं स्मृति चिन्ह दे कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पटना साहिब विधायक रत्नेश ने विकास के लिए हर सम्भव सहायता की घोषणा की। उन्होंने डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना हेतु अनुदान, बैडमिंटन हॉल में मैट बिछावन तथा सभागार की कमियों को दूर करवाने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।उन्होंने इस सम्बंध में कार्ययोजना बना कर देने का अनुरोध किया। कार्यक्रम में शशि शेखर रस्तोगी, डॉ० शाह अद्वैत कृष्ण, प्रो० दिनेश पटेल, समेत कई लब्ध प्रतिष्ठित लोग शामिल रहे।
भीड़ से खचाखच भरे सभागार में द्वितीय सत्र में भव्य कवि सम्मेलन में मुर्धन्य कवियों ने अपनी कविता पाठ से शमा बांध दिया और काफ़ी तालियाँ बटोरीं।उपस्थित कवियों में डॉ० आरती कुमारी, आराधना प्रसाद, वीरेन्द्र नाथ विभावसु, डॉ० किशोर सिन्हा आदि प्रमुख रहे।संचालन कवि मधुरेश एवं डॉ० ध्रुव कुमार में किया जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम किरण द्वारा किया गया।
कार्यक्रम संयोजन में कमल नयन श्रीवास्तव, सुजीत कुशवाहा, संयुक्त सचिव, आलोक चोपड़ा, जयप्रकाश मेहता, मिथिलेश कुमार, सभी कार्यकारिणी सदस्य, विनीत कुमार आदि की भूमिका सराहनीय रही जबकि मुन्ना पांडेय, प्रणव नयन जैसे युवा काफ़ी सक्रिय रहे।
बिहार हितैषी पुस्तकालय का 142वीं वर्षगाँठ समारोह भव्य कवि सम्मेलन के साथ सम्पन्न
