युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मासात करें छात्र।

स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मासात करें छात्र

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज स्वामी विवेकानंद की जयंती पर छात्र संघ के द्वारा जी जे कॉलेज में स्वामी जी जयंती मनाई गई जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

राष्ट्रीय युवा दिवस पर पुष्पांजलि सह संगोष्ठी 

मौके पर पीजी डिपार्मेंट के पवन कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि उठो जागो। तब तक ना रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए, मंच का संचालन करते हुए हिंदी डिपार्टमेंट के प्रो मुकेश कुमार ने बताया कि स्वामी जी इतिहास के अच्छे अध्येता थे। उन्होंने कहा कि भारत एक बार फिर समृद्धि तथा शक्ति की महान ऊंचाइयों पर उठेगा और अपने समस्त प्राचीन गौरव को पीछे छोड़ जाएगा, और स्वामी विवेकानंद ने यह भी कहा था कि भारत का विश्व गुरु बनना केवल भारत ही नहीं, अपितु विश्व के हित में है और उन्होंने कहा कि समाज का नेतृत्व चाहे विद्या बल से प्राप्त हुआ हो, चाहे बाहुबल से पर शक्ति का आधार जनता ही होती है। भारत के लोगों को यदि आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा नहीं दी जाएगी तो सारे संसार की दौलत भारत के एक छोटे से गांव की नहीं की जा सकती नैतिक तथा बौद्धिक दोनों ही प्रकार की शिक्षा प्रदान करना हमारा पहला कार्य होना चाहिए राष्ट्र भक्तों की तोलिया पर स्वामी विवेकानंद ने कहा कि देशभक्ति बनो मेरा विश्वास युवा पीढ़ी ,नई पीढ़ी में है मेरे कार्यकर्ता इसमें से आएंगे और वह सिंहो की भांति समस्याओं का हल निकालेंगे ऐसे युवाओं में और किसी बात की जरूरत नहीं है वह केवल प्रेम ,सेवा, आत्मविश्वास धैर्य और राष्ट्र के प्रति असीम श्रद्धा होनी चाहिए वही नारी जागरण पर स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि स्त्रियों की पूजा कर के ही सभी राष्ट्र बड़े बने हैं जिस राष्ट्र में स्त्रियों की पूजा नहीं होती वह देश या राष्ट्र कभी बड़ा बन नहीं सकता है इन सब के बीच में स्वामी जी सबको स्वीकार करने वाला यह विश्व बंधुत्व का संदेश विश्व भर का मार्ग दिखाता है, जो मानव समाज के कटुता से बाहर निकलता है और संपूर्ण विश्व को एक परिवार के तौर पर देखने की दृष्टि प्रदान करता है हमें स्वामी जी के अंतिम अधिवेशन में दिए गए भाषण को इन शब्दों को भी याद करना चाहिए उनकी हमेशा यही शिक्षा रही की आज के युवक को शारीरिक प्रगति से ज्यादा आंतरिक प्रगति की जरूरत है वह युवाओं को जोश भरते हुए कहा करते थे कि उठो मेरे शेरों। इस भ्रम को मिटा दो की तुम निर्बल हो ऐसे ही कुछ प्रेरणाय है जो आज युवकों को प्रेरित करती है,पथ दिखती है और जीने का मार्गदर्शन दिखती है मौके पर कॉलेज के प्रो-रंजीत सर, प्रो-त्रिपाठी सर, प्रो-सनी सर, प्रो-दिलीप सर,प्रो-विश्वकांत सर ,प्रो-धीरेन्द्र सर,प्रो-सूची तिवारी, प्रो-सचिन सर,
प्रो-रितिका मैंम, प्रो-सोनी मैम,प्रो-सुमन जी
अंकित पांडे (प्रदेश महासचिव संसदीय बोर्ड लोजपा), कॉलेज अध्यक्ष संटु कुमार,उपाध्यक्ष पवन कुमार, सचिव सुरेश कुमार, मिलन कुमार(कॉलेज सह खेल विभाग), कॉलेज ncc बटालियन उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *