योग प्राचीन भारतीय परंपरा का अमूल्य उपहार, योग करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन :राजीव रंजन प्रसाद

नयी दिल्ली, पटना 19 जून ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) विश्व योग दिवस 21 जून के अवसर पर वर्चुअल योग सत्र का आयोजन करने जा रहा है।

चिर काल से योग का महात्म सभी की ज्ञात है परंतु वैश्विक कोरोना महामारी संकट के समय योग का महत्व और भी बढ़ गया है। योग के महत्व एवं इसकी उपयोगिता को देखते हुए देश ही नहीं विदेशों में भी लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।(जीकेसी) विश्व योग दिवस 21 जून के अवसर पर वर्चुअल योग सत्र का आयोजन करने जा रहा है।

 विश्व योग दिवस के अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस करेगा वर्चुअल योग सत्र का आयोजन

जीकेसी योग और खेल प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि विश्व योग दिवस 21 जून के उपलक्ष्य पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के सौजन्य से योग के माध्यम से मानसिक, शारीरिक एवं आध्यात्मिक ऊर्जा की वृद्धि के साथ साथ मानसिक शांति के लिए वर्चुअल योग सत्र का आयोजन संध्या सात बजे से आठ बजे तक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीकेसी खेल,योगा और फिटनेस प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती स्मिता ब्रह्मचारी इस सत्र को संबोधित करेंगी।

जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि योग प्राचीन भारतीय परंपरा का एक अमूल्य उपहार है। यह मन और शरीर की एकता का प्रतीक है।जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के लिए योगा सबसे अच्छा माध्यम है।योग व्यक्ति के शरीर, मन, भावना और ऊर्जा के स्तर पर काम करता है। योग करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है।

योग गुरु स्मिता ब्रह्मचारी ने कहा कि *न ही कश्चित् विजानाति किं कस्य श्वो भविष्ति।* *अतः श्वः करणीयानि कुर्यादद्यैव बुद्धिमान्॥*कल क्या होगा यह कोई नहीं जानता है इसलिए कल के करने योग्य कार्य को आज कर लेने वाला ही बुद्धिमान है ॥क्या आप तनाव महसूस कर रहे हैं? क्या चिंताऔर तनाव आपको रात में जगाए रखते हैं? क्या वर्क फॉर होम, होम स्कूलिंग आपके मानसिक पीड़ा कारण है? क्या आप अपने आप से फिर से जुड़ने के लिए तरस रहे हैं? तो ये योगा सत्र आपके लिए एक जवाब है! उन्होंने कहा कि योग अभ्यास (साधना) का उद्देश्य सभी प्रकार के कष्टों को दूर करना है जो समग्र स्वास्थ्य, खुशी और सदभाव के साथ जीवन के हर क्षेत्र में स्वतंत्रता की भावना पैदा करते हैं। योग के माध्यमसे शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है।

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