8 सितंबर 2026, पटना। विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर एंड्यूरिंग रिहैब की ओर से लोगों को फिजियोथेरेपी के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता अभियान एवं नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पाटलिपुत्र खेल परिसर एवं मुस्कुराहट स्नेह घर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
इस अवसर पर एंड्यूरिंग रिहैब के निदेशक डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने कहा कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति की शारीरिक क्षमता, गतिशीलता, संतुलन, मांसपेशियों की ताकत और दैनिक कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि कमर एवं गर्दन का दर्द, जोड़ों की समस्याएं, मांसपेशियों की कमजोरी, खेलों से होने वाली चोटें, पक्षाघात, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं तथा सर्जरी के बाद स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में फिजियोथेरेपी उपयोगी हो सकती है। इसके अलावा गलत शारीरिक मुद्रा और लंबे समय तक बैठकर काम करने से होने वाली परेशानियों तथा उम्र बढ़ने के साथ आने वाली गतिशीलता संबंधी समस्याओं में भी विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार फिजियोथेरेपी लाभकारी हो सकती है।
रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका
डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने कहा कि फिजियोथेरेपी का उद्देश्य केवल मौजूदा समस्या का उपचार करना नहीं, बल्कि व्यक्ति की गतिशीलता, लचीलापन, संतुलन और स्वतंत्र रूप से दैनिक कार्य करने की क्षमता को बेहतर बनाना भी है। सही समय पर उचित मार्गदर्शन और नियमित फिजियोथेरेपी से कई शारीरिक समस्याओं को गंभीर होने से पहले नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने विशेष रूप से गलत शारीरिक मुद्रा, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने तथा बुजुर्गों में चलने-फिरने से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में भी शारीरिक समस्याएं बढ़ रही हैं, ऐसे में सही मुद्रा और नियमित शारीरिक गतिविधियों के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है।
स्वयं उपचार से बचने की सलाह
डॉ. कुमार ने लोगों से अपील की कि लगातार होने वाले दर्द, चोट, कमजोरी अथवा शरीर की गतिविधियों में कमी को नजरअंदाज नहीं करें। ऐसी स्थिति में स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य फिजियोथेरेपिस्ट से उचित मूल्यांकन और विशेषज्ञ सलाह लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सही जानकारी, समय पर उचित उपचार और नियमित देखभाल के माध्यम से व्यक्ति स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ सकता है।
एंड्यूरिंग रिहैब की ओर से बताया गया कि भविष्य में भी फिजियोथेरेपी एवं पुनर्वास से संबंधित जागरूकता गतिविधियां जारी रखी जाएंगी। संस्था का उद्देश्य लोगों तक फिजियोथेरेपी से जुड़ी सही, वैज्ञानिक एवं विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना तथा स्वस्थ और सक्रिय जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. सूर्यशंकर कुमार ने सभी को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
