पटना की हिस्सेदारी 13.19%, जबकि 63.70% एनरोलमेंट छह बड़े शहरों के बाहर से
पटना : बिहार में हायर एजुकेशन के लिए ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि राज्य के बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों से भी ऑनलाइन शिक्षा को अपनाने वालों की संख्या बढ़ रही है। कॉलेज विद्या के एनरोलमेंट डेटा के अनुसार, 2025-26 में बिहार के 63.70 प्रतिशत एनरोलमेंट राज्य के छह सबसे बड़े शहरों के बाहर से हुए, जबकि पटना 13.19 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ राज्य में सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा। कॉलेज विद्या के कुल एनरोलमेंट में बिहार की हिस्सेदारी 2023-24 में 11.08 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 16.71 प्रतिशत हो गई है। यह तीन सेशन में 51 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। राज्य की हिस्सेदारी 2024-25 में 12.88 प्रतिशत रही, जो 2025-26 में बढ़कर 16.71 प्रतिशत हो गई। कॉलेज विद्या के सीओओ और को-फाउंडर रोहित गुप्ता ने कहा कि हायर एजुकेशन को लेकर पढ़ने वालों का नजरिया बदल रहा है। डिग्री हासिल करने का फैसला अब केवल कॉलेज या स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रोग्राम की प्रासंगिकता, करियर के लक्ष्य और अन्य जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई जारी रखने की सुविधा जैसे पहलुओं पर भी निर्भर करता है। बिहार के ट्रेंड्स बताते हैं कि पढ़ने वाले हायर एजुकेशन के लिए अलग-अलग विकल्प तलाश रहे हैं और ऑनलाइन प्रोग्राम इस सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। पिछले तीन सेशन में बिहार के ऑनलाइन पढ़ने वालों की प्रोफाइल में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में 25 साल से कम उम्र के पढ़ने वालों की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत से बढ़कर 71 प्रतिशत हो गई है। वहीं, 2025-26 में पोस्टग्रेजुएट एनरोलमेंट में 21-25 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 64 प्रतिशत रही। अंडरग्रेजुएट स्तर पर भी युवा पढ़ने वालों की हिस्सेदारी मजबूत बनी हुई है। 25 साल से कम उम्र के पढ़ने वालों की हिस्सेदारी 91 प्रतिशत है, जो दो सेशन पहले 81 प्रतिशत थी। बिहार में एनरोलमेंट के आंकड़े बिजनेस और टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रोग्राम की बढ़ती पसंद को भी दर्शाते हैं। राज्य के कुल एनरोलमेंट में पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम की हिस्सेदारी 58.35 प्रतिशत है। इनमें एमबीए की हिस्सेदारी 58.23 प्रतिशत, जबकि पोस्टग्रेजुएट एनरोलमेंट में एमसीए की हिस्सेदारी 20.25 प्रतिशत है।
अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में बीसीए की हिस्सेदारी 38.46 प्रतिशत है। इसके बाद बी कॉम 30.77 प्रतिशत और बीबीए 23.08 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ प्रमुख विकल्प रहे। पढ़ने वालों द्वारा चुने जा रहे प्रमुख स्पेशलाइजेशन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डेटा इंजीनियरिंग और साइबर सिक्योरिटी शामिल हैं। एनरोलमेंट डेटा बिहार में ऑनलाइन हायर एजुकेशन के क्षेत्र में जेंडर गैप को भी दर्शाता है। अंडरग्रेजुएट एनरोलमेंट में पुरुषों की हिस्सेदारी 77.86 प्रतिशत, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 22.14 प्रतिशत है। वहीं, पोस्टग्रेजुएट एनरोलमेंट में पुरुषों की हिस्सेदारी 78.02 प्रतिशत और महिलाओं की हिस्सेदारी 21.98 प्रतिशत रही। कुल मिलाकर, कॉलेज विद्या के एनरोलमेंट डेटा से संकेत मिलता है कि ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम बिहार के अलग-अलग शहरों और कस्बों में पढ़ने वालों के लिए हायर एजुकेशन के विकल्पों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। खासतौर पर युवा पढ़ने वाले अपनी शैक्षणिक और करियर की जरूरतों के अनुरूप बिजनेस, टेक्नोलॉजी और उभरते क्षेत्रों से जुड़े प्रोग्राम का चयन कर रहे हैं। पटना राज्य में सबसे बड़ी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख योगदानकर्ता बना हुआ है, जबकि छह बड़े शहरों के बाहर से होने वाला एनरोलमेंट ऑनलाइन शिक्षा की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
