तेजस्वी को अतीत का आईना दिखाया, भाजपा प्रवक्ता बोले—नैतिकता पर सवाल उठाने से पहले इतिहास देखें

19 अप्रैल 2026, पटना। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक प्रेम रंजन पटेल ने कहा कि तेजस्वी यादव को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले उन्हें अपने अतीत को ईमानदारी से देखना चाहिए। लालू प्रसाद यादव का राजनीतिक उदय उस दौर में हुआ था जब देश में कांग्रेस के खिलाफ व्यापक वैचारिक एकजुटता थी। 1977 में बनी जनता पार्टी की सरकार्, जहाँ विभिन्न विचारधाराओं के लोग एक साथ आए थे।
उन्होंने कहा कि 1990 में जब लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री बने, तब भी वही गठजोड़ और समर्थन की राजनीति थी, जिसमें भाजपा समेत कई दल कांग्रेस के खिलाफ एकजुट होकर साथ दिये थे। आज उसी इतिहास को छुपाकर भाजपा के खिलाफ बोलना राजनीतिक बेईमानी है।
श्री पटेल ने कहा कि तेजस्वी यादव को यह समझ लेना चाहिए कि वे किसी नई राजनीति के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि उसी पुरानी विरासत के वारिस हैं, जो अवसरवाद, गठजोड़ और सत्ता की राजनीति पर टिकी रही। अगर वे अपने पिता की विरासत का श्रेय लेते हैं, तो उस दौर की सच्चाई से भाग नहीं सकते।
उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि आज जिन लोगों को भाजपा से इतनी “एलर्जी” है, उनकी राजनीतिक नींव भी उसी दौर में पड़ी, जब भाजपा और अन्य दलों के साथ मिलकर कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ी गई थी। इसलिए दूसरों पर उंगली उठाने से पहले उन्हें अपने अतीत का हिसाब देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने हमेशा सिद्धांत और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है। इतिहास गवाह है कि जब-जब देशहित में आवश्यकता पड़ी, भाजपा ने सकारात्मक भूमिका निभाई। लेकिन आज वही लोग भाजपा के खिलाफ बोल रहे हैँ, जिनकी अपनी राजनीतिक यात्रा भी उसी साझा संघर्ष और सहयोग से निकली विरासत के प्रतिक है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि बिहार की जनता सब सच जानती है। वह जानती है कि कौन विकास और सुशासन की राजनीति करता है और कौन केवल भ्रम फैलाने का प्रयास करता है, जनता अपने विवेक से सही निर्णय लेती रही है तथा बिहार को आगे बढ़ाने वाली ताकतों के साथ खड़ी है और रहेगी।
पूर्व विधायक ने कहा कि बिहार की जनता अब भ्रम में नहीं आने वाली है। जंहा भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की विकास, सुशासन और पारदर्शिता की राजनीति है, वहीं दूसरी तरफ वही पुराना परिवारवाद, भ्रष्टाचार और अवसरवाद है।
जनता सब देख रही है, आने वाले समय में जवाब देगी, करारा और निर्णायक।

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