संविधान की अवेहलना करने के कारण अध्यक्ष की सदस्यता स्वत: हुई रद्द :- संजय कुमार

पटना : बीसीए के सचिव ने अध्यक्ष को मेल के माध्यम से सूचित करते हुए कहा है की बीसीए संविधान की अवहेलना करने के कारण आपकी सदस्यता स्वत: समाप्त हो जाती है. इस मेल में सचिव ने सुप्रीम कोर्ट से संपुष्ट सविधान में वर्णित धाराओ का विवरण देते हुए सूचना भेजी है.

सचिव ने अध्यक्ष के निर्देश पर बुलाई गयी 28 फरवरी की आपातकालीन कमेटी ऑफ़ मनेजमेंट की बैठक को गैर कानूनी बताते हुए 29 फरवरी को सचिव के द्वारा आहूत कमेटी ऑफ़ मैनेजमेंट की विशेष बैठक की वैद्यता को पुष्ट किया है.

सचिव के द्वारा भेजे गए मेल में कहा गया है की बीसीए के संविधान के धारा 18 के कंडिका 5 के अनुसार कमेटी ऑफ़ मैनेजमेंट की बैठक 3 महीने में एक बार आहुत करने की बाध्यता है, जिसका अध्यक्ष महोदय ने उलंघन करते हुए बैठक नहीं बुलायी.

सचिव ने कहा है की पिछले सी ओ एम की बैठक 15/11/2019 को बुलाई गई थी, उसके अनुसार 15/02/2020 तक बैठक बुला लेनी चाहिए थी, जिसे अध्यक्ष के द्वारा आहुत करने का निर्देश नहीं देकर सविधान का उलंघन किया गया. इसके बाद जब सचिव ने सी ओ एम के सदस्यों की मांग पर बीसीए के संविधान की धारा 18 के कंडिका 6 के अनुसार सी ओ एम की विशेष बैठक बुलाई तो अध्यक्ष ने आनन-फानन में 28 फरवरी को सी ओ एम की आपात कालीन बैठक अपने आवास पर हीं बुलाने का निर्देश संयुक्त सचिव को दिया , जिसपर संयुक्त सचिव ने बैठक आहूत करने की सूचना सभी सदस्यों को दी. सचिव के द्वारा बुलाये गए बैठक में अध्यक्ष एवं सचिव के ऊपर लगे आरोपों की चर्चा होनी है,

सचिव ने अध्यक्ष को सूचित करते हुए कहा है की 29 की बैठक में, मैं अपने ऊपर लगे आरोपों पर चर्चा करने को तैयार हूं और उनसे भी कहा है की आप भी उक्त बैठक में शामिल होकर अपने ऊपर लगे आरोपों पर चर्चा करें. सचिव ने अध्यक्ष को किये गए मेल में बीसीए संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि जिस प्रकार से अध्यक्ष ने संविधान के धारा 18 के कंडिका 5 का अवहेलना किया है , उससे उनकी सदस्यता बीसीए की धारा पांच (A) VII से स्वत: रद्द हो जाती है। सचिव ने अध्यक्ष को कहा है की उनकी सदस्यता 15/02/2020 के बाद ही रद्द हो गयी है, तो क्या वो 28/02/2020 की आपातकालीन बैठक सहित अन्य कोई भी निर्णय के लिए निर्देश दे सकते हैं ?

इस तरह बीसीए सचिव ने एक वित्तीय वर्ष में 2 एजीएम पर अध्यक्ष महोदय से भी सवाल किया है कि बताइए संविधान में कहां इस का उल्लेख है. अगर संविधान की बात करें तो 30 अगस्त के बाद तथा वित्तीय वर्ष (31 मार्च) से पूर्व बीते वर्ष का वार्षिक आम सभा नहीं किया जा सकता जबकि पिछली कमेटी ने संविधान के अनुसार 25 मई 2019 को वार्षिक आम सभा का आयोजन किया था फिर 8 महीने बाद ही बुलायी गयी एजीएम कैसे मान्य है ?

जारी विज्ञप्ति में सचिव संजय कुमार ने कहा है कि लगातार अध्यक्ष के द्वारा बिना किसी संविधान को पढ़े कार्य किए जा रहे हैं जिस पर 29 फरवरी की आहुत सी ओ एम की बैठक में चर्चा की जायेगी.

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