राज राजेंद्र सिंह बने भाजयुमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बिहार के जमीनी संगठन से अब राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी

भाजपा बिहार में लंबे समय से संगठन में सक्रिय, बिहार से बंगाल और गुजरात तक चुनावी अभियानों में निभा चुके हैं अहम भूमिका

पटना। भारतीय जनता पार्टी के महत्वपूर्ण संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) में बिहार के अनुभवी युवा नेता राज राजेंद्र सिंह को बड़ी राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देश पर भाजयुमो के राष्ट्रीय संगठन में की गई नई नियुक्तियों में राज राजेंद्र सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश संगठन से लेकर विभिन्न राज्यों के चुनावी अभियानों तक सक्रिय रहे सिंह की नियुक्ति को बिहार भाजपा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नई टीम में बिहार के कई युवा नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी देकर संगठन में राज्य की भागीदारी को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
राज राजेंद्र सिंह के अलावा राहुल झा को राष्ट्रीय मंत्री, हिमांशु यादव को राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी तथा मानवेंद्र चौहान को सोशल मीडिया सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं अलीनगर विधायक मैथिली ठाकुर और विनीत कुशवाहा को भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

राजनीतिक विरासत के साथ शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से भी जुड़ाव:

राज राजेंद्र सिंह का संबंध लोक नायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली सिताबदियारा से है। वह अविभाजित बिहार के दिग्गज नेता बाबू सत्यदेव सिंह और शंकरदयाल सिंह के पौत्र हैं। राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान मुख्य रूप से संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में बनाई है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी मजबूत पृष्ठभूमि रही है। उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से बैंकिंग की पढ़ाई करने के साथ कानून में स्नातक की पढ़ाई की है। राजनीतिक और सांगठनिक गतिविधियों के साथ वह बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।

संगठन की निचली पायदान से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक का सफर:
राज राजेंद्र सिंह की नई जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनकी राजनीतिक पहचान मुख्य रूप से संगठन में लगातार काम करने वाले कार्यकर्ता के रूप में रही है। वह इससे पहले बिहार भाजयुमो में प्रदेश स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और प्रदेश मंत्री तथा प्रदेश उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वर्तमान में वह भाजपा की बिहार प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं।
ऐतिहासिक सिताबदियारा गांव से ताल्लुक रखने वाले राज राजेंद्र सिंह का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ सांगठनिक जुड़ाव भी काफी पुराना है। नितिन नवीन जब बिहार भाजयुमो में प्रदेश अध्यक्ष थे, उस दौर में राज राजेंद्र सिंह प्रदेश मंत्री के रूप में संगठन में सक्रिय थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने अलग-अलग सांगठनिक दायित्वों में काम करते हुए कार्यकर्ता नेटवर्क को मजबूत करने और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।
प्रदेश संगठन में लंबे अनुभव के बाद राज राजेंद्र सिंह को अब राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना उनके राजनीतिक-सांगठनिक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

बिहार ही नहीं, बंगाल और गुजरात में भी संगठन के लिए किया काम:
राज राजेंद्र सिंह का सांगठनिक अनुभव केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने बिहार के अलावा पश्चिम बंगाल और गुजरात के विधानसभा चुनावों के दौरान भी पार्टी के चुनावी एवं संगठनात्मक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
चुनावों के दौरान उनकी भूमिका मुख्य रूप से जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने, विभिन्न सामाजिक समूहों तक संगठन की पहुंच बढ़ाने और चुनावी रणनीति को बूथ स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने से जुड़ी रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने दक्षिण बंगाल में पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए चलाए गए विभिन्न संवाद कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई। खासकर ‘बुद्धिजीवी संवाद सम्मेलन’ के माध्यम से बुद्धिजीवियों, पेशेवरों और समाज के प्रभावशाली वर्गों से संवाद स्थापित करने की पहल में उनकी भागीदारी उल्लेखनीय रही। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न वर्गों को पार्टी के विचारों और चुनावी अभियान से जोड़ने के साथ मतदान के प्रति सक्रिय करना था।

पर्दे के पीछे रणनीति और जमीन पर कार्यकर्ताओं से संवाद बनी पहचान

भाजपा संगठन में राज राजेंद्र सिंह की कार्यशैली की एक खासियत यह रही है कि वह सार्वजनिक मंचों की अपेक्षा संगठनात्मक रणनीति, कार्यकर्ता समन्वय और उसके जमीनी क्रियान्वयन से अधिक जुड़े रहे हैं।
पार्टी के विभिन्न चुनावी अभियानों के दौरान बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद, सांगठनिक नेटवर्क को सक्रिय करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अभियान को आगे बढ़ाने जैसे दायित्वों में वह लगातार सक्रिय रहे हैं। पिछले लोकसभा और हाल के कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीतियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने से जुड़े दायित्व निभाए।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ उनका लंबे समय का सांगठनिक समन्वय भी उनकी राजनीतिक यात्रा का महत्वपूर्ण पहलू रहा है। दोनों नेताओं ने युवा मोर्चा के दौर से लेकर पार्टी के व्यापक संगठनात्मक अभियानों तक अलग-अलग जिम्मेदारियों में साथ काम किया है।

नई जिम्मेदारी के साथ बढ़ा राष्ट्रीय दायरा:
राज राजेंद्र सिंह की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भाजपा युवा मतदाताओं के बीच संगठन की पहुंच और युवा मोर्चा के नेटवर्क को और विस्तार देने पर जोर दे रही है। ऐसे में प्रदेश संगठन और विभिन्न राज्यों के चुनावी अभियानों का अनुभव उनके नए दायित्व में उपयोगी माना जा रहा है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में अब उनका कार्यक्षेत्र बिहार से आगे बढ़कर देशव्यापी होगा। संगठनात्मक विस्तार, युवा कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, विभिन्न राज्यों में भाजयुमो की गतिविधियों को गति देने और पार्टी के कार्यक्रमों को युवाओं तक पहुंचाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
लोक नायक जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली सिताबदियारा से शुरू हुआ राज राजेंद्र सिंह का सांगठनिक सफर अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। प्रदेश मंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे दायित्वों से गुजरते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक पहुंचना जहां उनके लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि है, वहीं भाजयुमो की नई राष्ट्रीय टीम में बिहार के नेताओं को मिली जगह राज्य के युवा नेतृत्व की बढ़ती संगठनात्मक भूमिका को भी रेखांकित करती है।

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