इटली के प्रधानमंत्री और यूरोपीय संघ के नेताओं से पीएम मोदी ने किया विचार-विमर्श

पीएम मोदी ने बीते शुक्रवार, 29 अक्टूबर को इटली के प्रधानमंत्री मारियो द्राघी के साथ द्विपक्षीय और आपसी हित के मुद्दों पर विचार विमर्श किया। जानकारी के लिए बता दें कि पीएम मोदी विश्व प्रमुख अर्थव्यवस्था वाले देशों के मंच जी 20 के शिखर वार्ता में भाग लेने के लिए इटली की यात्रा पर हैं। शिखर वार्ता से पहले उन्होंने इटली के प्रधानमंत्री के अलावा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ विचार विमर्श किया।

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने यूरोपीय नेताओं के साथ पीएम मोदी की बातचीत के बारे में बताया कि अफगानिस्तान की स्थिति तथा हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के बारे में भी चर्चा हुई।

इटली के प्रधानमंत्री के साथ बीतचीत के बाद पीएम मोदी ने अंग्रेजी और इटालियन भाषा में ट्वीट के जरिए बताया कि हमने आपसी मैत्री को बढ़ाने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और इटली के आर्थिक संबंधों में विकास की बहुत गुजांइश है। दोनों देश सांस्कृतिक सहयोग के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। इसके पहले मेजबान नेता ने मोदी का पलाज्जो चिगी में औपचारिक रूप से स्वागत किया। पीएम मोदी के सम्मान में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते

भारत-यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय रिश्ते वर्ष 1960 की शुरूआत से ही चले आ रहे हैं। भारत वर्ष 1962 में यूरोपीय आर्थिक समुदाय के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में से एक था। इन दोनों के बीच पहली शिखर वार्ता लिस्बन में 28 जून 2000 को हुई थी और यह दोनों के बीच संबंधों के विकास में ऐतिहासिक रही थी। भारत- यूरोपीय संघ के बीच संबंध द हेग में वर्ष 2004 में हुए पांचवें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान ‘सामरिक साझेदारी’ तक पहुंच गए थे।

बताना चाहेंगे कि पीएम मोदी रविवार 31 अक्टूबर को रोमन कैथोलिक धर्मगुरु पोप फ्रांसिस से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, वह रविवार को ही जी 20 शिखर वार्ता में विश्व नेताओं के साथ कोरोना महामारी से निपटने के उपायों औऱ विश्व की अर्थव्यवस्था की बहाली के बारे विचार विमर्श करेंगे। शिखर वार्ता में सतत विकास और जलवायु परिवर्तन के संकट पर भी विचार विमर्श करेंगे।

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