नोट्रे डेम अकादमी में कक्षा 11 के अभिभावकों के लिए अभिभावक कार्यशाला आयोजित

पटना: नोट्रे डेम अकादमी, पटना की पैरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन (PTA) द्वारा शनिवार को कक्षा 11 के विद्यार्थियों के अभिभावकों के लिए एक ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं साइंस कॉलेज, पटना के पूर्व प्राचार्य प्रो. डॉ. अतुल आदित्य पांडेय ने किया। इस अवसर पर 450 से अधिक अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

अपने संबोधन में प्रो. डॉ. पांडेय ने कहा कि किसी भी बच्चे की सफलता का आकलन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों या पेशेवर सफलता से नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत पारिवारिक संबंध, भावनात्मक संतुलन, प्रभावी संवाद कौशल तथा सुदृढ़ सामाजिक मूल्य एक जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और संवेदनशील व्यक्तित्व के निर्माण में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। तेजी से बदलते तकनीकी परिवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने पालन-पोषण के तरीके में समयानुकूल बदलाव लाना होगा, ताकि वे जेनरेशन-ज़ेड की आकांक्षाओं, चुनौतियों और संवाद शैली को बेहतर ढंग से समझ सकें।

उन्होंने अभिभावकों को बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने, उनकी बात धैर्यपूर्वक सुनने, उनमें सहानुभूति की भावना विकसित करने, आपसी विश्वास को मजबूत करने तथा घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ पारिवारिक संवाद बच्चों में आत्मविश्वास, भावनात्मक दृढ़ता और समग्र व्यक्तित्व विकास का आधार बनता है।

प्रो. डॉ. पांडेय ने अभिभावकों से सभी विषयों को समान महत्व देने तथा बच्चों की रुचियों और प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बच्चों पर अपनी पसंद के करियर थोपने के बजाय उनकी क्षमताओं और अभिरुचियों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने भावनात्मक बुद्धिमत्ता, प्रभावी संवाद कौशल, भाषा दक्षता, जिज्ञासा, अनुशासन, तकनीक के जिम्मेदार उपयोग तथा अनावश्यक शैक्षणिक दबाव को कम करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। नई शिक्षा नीति (NEP) की भावना को स्पष्ट करते हुए उन्होंने विषय चयन में लचीलेपन तथा प्रत्येक बच्चे की विशिष्ट प्रतिभा को पहचानने और उसे विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।

विद्यालय की प्राचार्या सिस्टर मैरी नेहा ने विश्वास व्यक्त किया कि अभिभावकों और विद्यालय के बीच मजबूत साझेदारी ही जिम्मेदार, आत्मविश्वासी और भावनात्मक रूप से सशक्त युवाओं के निर्माण का आधार है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती प्रिया सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

कार्यशाला का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को भावनात्मक, शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु संचालित काउंसलिंग सेल की जानकारी दी। अभिभावकों ने संसाधन व्यक्ति के साथ सक्रिय संवाद किया, जिससे यह कार्यक्रम घर और विद्यालय के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम का संचालन श्वेता सागर ने किया तथा समन्वयन राज रतन ने किया। इस अवसर पर PTA अध्यक्ष संचिता घोष, उपाध्यक्ष संभव गुप्ता, देवव्रत, आर. के. झा, डॉ. स्नेहा सोनी, डॉ. अनिल पांडेय, मो. नय्यर इकबाल, मो. मोशीर आलम एवं चित्रा उपस्थित रहे। सभी ने अभिभावकों और विद्यालय के बीच सार्थक सहयोग को मजबूत करने तथा प्रत्येक विद्यार्थी के समग्र विकास एवं कल्याण के प्रति PTA की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

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