पढ़ें आज कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर किये जा रहे कार्यों की क्या जानकारी दी सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क, सचिव स्वास्थ्य एवं अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस मुख्यालय ने

पटना, 14 जून 2020:- वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीडिया के साथ संवाद। सचिव सूचना एवं जन-सम्पर्क श्री अनुपम कुमार,…

बिहार कंप्यूटर शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक आज 14 जून रविवार को संपन्न हुई

इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, प्रदेश उपाध्यक्ष सहित सैकड़ों कंप्यूटर शिक्षकों ने भाग लिया। महासचिव विनोद कुमार सिन्हा…

बॉलीवुड का एक और सितारा हुआ अस्त, सुशांत सिंह राजपूत ने की सुसाइड

सुशांत सिंह राजपूत हिन्दी फिल्मों में अभिनेता होने के साथ साथ थियेटर और टीवी अभिनेता भी थे। टीवी सीरीयल ‘पवित्र…

गाय महज जानवर नहीं, एक आस्था है।

गो हत्या देश में हमेशा से ही एक संवेनदशील मुद्दा रहा है और इस पर राजनीति होती रही है। मगर जिस समाज में गाय को पूजा जाता है, उसके वध पर अंकुश नहीं,  और वहां  इसके लिए कोई कानून नहीं हो तो वह कैसा समाज ?  हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार गाय को गौ माता भी कहा जाता है। गौ माता के पूजन के बारे में वेदशास्त्रों, धर्मग्रंथों में क्या कहा गया है। इसलिए अगर किसी के हाथों गाय की हत्या हो जाती है तो यह घोर पाप माना जाता है। कुछ तो गो वध को देश भर में प्रतिबंधित करने का आग्रह भी कर चुके हैं. सन् 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहना पड़ा, “मुझे पता है कुछ लोग जो रात में आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहते हैं, वे सुबह उठ कर गो रक्षक का चोला ओढ़ लेते हैं.” मॉब लिंचिंग और गो रक्षा के नाम पर होने वाली  हिंसा को देख कर कई बार मांग उठी  कि गो वध के विरुद्ध सख़्त क़ानून बना दिया जाए. कुछ तो गो वध को देश भर में प्रतिबंधित करने का आग्रह भी कर चुके हैं. गो वध के बाबत इस समय विभिन्न क़ानून हैं. देश के 28 में से 20 राज्यों में गो वध पर रोक है, लेकिन बंगाल, केरल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा में बीफ कानूनी तौर पर सब जगह मिलता है. उच्चतम न्यायालय ने गो वध मामले में अक्सर इसके आर्थिक पहलू को नज़र में रखा है,…

‘गंगाजल’ विविध विषाणुओं के प्रादुर्भाव से मुक्ति देता है, तथा प्रतिकारक शक्ति बढाने में उपयुक्त सिद्ध होता है ! – अधिवक्ता अरुणकुमार गुप्‘गंगाजल’ विविध विषाणुओं के प्रादुर्भाव से मुक्ति देता है, तथा प्रतिकारक शक्ति बढाने में उपयुक्त सिद्ध होता है ! – अधिवक्ता अरुणकुमार गुप्ता

किस नदी में किस समय स्नान करने से उसका लाभ होता है, इसका संपूर्ण ज्ञान भारतीय ऋषी–मुनियों को था । इसलिए…