बुजुर्ग हमारे वजूद है न कि बोझ  

(बदलते परिवेश में एकल परिवार बुजुर्गों को घर  की  दहलीज से दूर कर रहें है. बच्चों को दादी- नानी  की  कहानी की बजाय…

भारत में कैंसर के बढ़ते मामले, समाज के स्वास्थ्य पर बोझ

लोगों को अपने खान-पान के प्रति सचेत रहना चाहिए और किसी न किसी प्रकार का व्यायाम नियमित रूप से करना…

21 सितंबर – अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस, केवल प्यार ही घृणा को दूर कर सकता है

एक शांतिपूर्ण वातावरण सामंजस्यपूर्ण जीवन सुनिश्चित करता है और आपसी समझ के लिए मार्ग प्रदान करता है। यह समझ बातचीत,…

गाँव-गाँव अब रो रहा, गांधी का स्वराज। भंग पड़ी पंचायतें, रुके हुए सब काज।।

महिलाओं तथा दूसरे पिछड़े और हाशिये पर खड़े समाज के सशक्तिकरण जैसी उपलब्धियों के बावजूद विकेन्द्रीकरण की प्रक्रिया काफी धीमी,…