रविवारीय- “अरे हुज़ूर वाह ताज बोलिए” ज़ाकिर हुसैन साहब को श्रद्धांजलि

वाह उस्ताद! “अरे हुज़ूर, वाह ताज बोलिए!” – ताजमहल चाय के इस ऐतिहासिक विज्ञापन का जादू आज भी मेरे दिलो-दिमाग़…

रविवारीय- पेन, पेंसिल और रबड़ से लेकर ऑनलाइन परीक्षाओं तक के बदलाव

संडे का दिन था। वैसे तो इस दिन स्कूल बंद रहते हैं, पर अगर कोई परीक्षा होती है, तो परीक्षा…