साहित्य और सत्ता: तस्वीरों की चमक बनाम शब्दों का मूल्य

लेखक की सबसे बड़ी पूँजी उसके शब्द और उसकी स्वतंत्रता है, न कि सत्ता से नज़दीकी की तस्वीरें। प्रभावशाली व्यक्तियों…

अलविदा रजिस्टर्ड डाक — एक युग की ख़ामोश विदाई

लेखिका: डॉ. प्रियंका सौरभ एक सितंबर दो हज़ार पच्चीस को जब भारत डाक की रजिस्टर्ड डाक सेवा औपचारिक रूप से…

रविवारीय- लखनऊ से कानपुर का सफ़र, परंपरा, प्रेम और त्योहार की रौनक से भरा अनुभव

इस बार रक्षाबंधन का त्योहार शनिवार को पड़ा। हमारा दफ़्तर सप्ताह में पाँच दिन ही खुलता है, शनिवार और रविवार…

“देवभूमि का दर्द: विकास के नाम पर विनाश”

पहाड़ों का सर्वनाश: उत्तराखंड की आखिरी चेतावनी उत्तरकाशी के थराली में बादल फटने से हुई भीषण तबाही उत्तराखंड के पर्यावरणीय…