अंतरिक्ष में भारत की उड़ान : विज्ञान, साहस और आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा

डॉ.सत्यवान सौरभ मानव इतिहास की परिधि पर जब भी कोई नया चक्र उभरता है, तो उसमें विज्ञान, कल्पना और आत्मबल…

बदन की नहीं, बुद्धि की बनाओ पहचान बहनों: अश्लीलता की रील संस्कृति पर एक सवाल

✍ प्रियंका सौरभ हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहाँ स्क्रीन पर दिखना असल में जीने से ज़्यादा…

पीछे नहीं, बराबरी में: केरल के स्कूलों की नई बैठने की व्यवस्था एक क्रांतिकारी कदम

लेखिका: प्रियंका सौरभ भारत के शिक्षा तंत्र में दशकों से एक अदृश्य रेखा बनी रही है — आगे की बेंच…

फाइलों में लटकी तबादला नीति: शिक्षक टकटकी लगाए बैठा है

“ट्रांसफर नीति 2025: नतीजे तैयार, पर इरादे अधूरे!, सीलबंद लॉकरों में बंद शिक्षक की उम्मीदें” “किरदार बदलते हैं, कहानी वही…

रविवारीय- सब कुछ अचानक ही तो होता है — जब जीवन एक क्षण में चुप हो जाता है

सब कुछ अचानक ही तो होता है… कल तक सब ठीक-ठाक था। कोई चिंता नहीं, कोई अंदेशा नहीं। ज़िंदगी अपने…