कुदरत की पीर :- ‘हे मानव अब तो संभल जा…’

वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में ठहराव का यह दौर बेशक बहुत चिंताजनक है, लेकिन पर्यावरण पर सकारात्मक असर पड़ा है। जाने-अनजाने…

विश्व पर्यावरण दिवस- ये समय है घायल पर्यावरण को सँवारने का 

लॉकडाउन के माध्यम से संघर्ष करने के बाद, नई चिंताओं और तनाव की बाढ़ के साथ, अंत में आराम करने…

किताबें सबसे शांत और सबसे स्थिर दोस्त हैं- महामारी में करें किताबों से दोस्ती

आदमी जब ठहरता है तो इस विश्रांति में जो जीवन है उसकी झलक देखने को मिलती है। इन मुश्किलों में…

4 जून- “मासूम बच्चों की पीड़ा का अंतर्राष्ट्रीय दिवस”, बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता की करता है पुष्टि

अंतर्राष्ट्रीय दिवस जनता को चिंता के मुद्दों पर शिक्षित करने के लिए, वैश्विक समस्याओं को संबोधित करने के लिए राजनीतिक…

कुछ पाने की उम्मीद में, कुछ सिक्के हीं खनक रहे हैं जेब में, समझ ही नहीं पा रहे है की ज्यादा क्रूर मजाक किसका “कोरोना” का या “सरकार” का

इनका आभा मंडल सरकार को टैक्स देकर चमकता है कुछ पाने की उम्मीद में, कुछ सिक्के हीं खनक रहे हैं…