भुखमरी के कगार पर हैं मिट्टी का बर्तन बनाकर पेट पालने वाले कुम्हार

कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन ने  मिट्‌टी बर्तन बनाने वाले कारीगरों के सपनों को भी चकनाचूर कर दिया है। इन्होने…

मरुस्थलीकरण और सूखा : दुनिया के समक्ष बड़ी चुनौती, 17 जून को मरुस्थलीकरण और सूखे से लड़ने का दिवस (विशेष)

मरुस्थलीकरण जमीन के खराब होकर अनुपजाऊ हो जाने की ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें जलवायु परिवर्तन तथा मानवीय गतिविधियों समेत…

सर्वे – 43% लोगों ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस के लिए उनके पास कम्प्यूटर, टेबलेट, प्रिंटर, राउटर जैसी चीज़ें है ही नहीं

दुनिया भर में लॉकडाउन के चलते सभी स्कूलों को भी बंद कर दिया गया है। भारत के स्कूलों में मार्च…

बाल श्रम से कैसे बच पायेगा भविष्य, बालश्रम निषेध दिवस – विशेष

संयुक्त राष्ट्र बाल श्रम को ऐसे  काम के रूप में परिभाषित करता है, जो बच्चों को उनके बचपन, उनकी गरिमा और क्षमता से वंचित करता है, जो उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।  बच्चों के स्कूली जीवन में हस्तक्षेप करता है।  बाल श्रम आज  दुनिया में एक खतरे के रूप में मौजूद है। आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। देश की प्रगति और विकास उन पर निर्भर है। लेकिन बाल श्रम उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर चोट…