देश का मेहनतकश, सच्चा किसान कभी जयचंद नहीं हो सकता

(किसान आंदोलन और लाल किले पर ऐसे खालिस्तानी झंडा फहराना भारत की प्रभुसत्ता को ललकारना है. यह बात तो सच…