पटना : इन्टैक पटना चैप्टर द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय पटना कलम प्रदर्शनी का समापन बिहार ललित कला अकादमी में रविवार को हुआ जिसमें प्रतिभागियों के बीच प्रमाण पत्र वितरित किए गए। मुख्य अतिथि बापू टावर के निदेशक विनय कुमार ने बताया कि प्रतिभागियों द्वारा कठिन परिश्रम करके इस कला को जीवंत बनाया गया है। उन्होंने आग्रह किया कि अगला प्रशिक्षण बापू टावर कला दीर्घा में किया जाय। विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट बी के जैन ने बताया कि इस प्रदर्शनी की विशेषताओं में पटना कलम की पारंपरिक शैली के साथ आधुनिक शैली का समावेश है।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए डा उमेश चन्द्र द्विवेदी ने कहा कि कलाकारों को धैर्य ,लगन एवं प्रतिबद्धता के साथ पटना कलम को जीवंत करने की जिम्मेवारी लेनी होगी। इन्टैक पटना चैप्टर के कन्वेनर भैरव लाल दास ने कहा कि सबसे कम उम्र की कलाकार शृजा शरण की पेंटिंग्स देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि नयी पीढी पटना कलम की बागडोर सम्हालने हेतु तत्पर हो गई है। उन्होंने बताया कि पटना कलम के लिए जी आइ टैग हेतु प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने प्रतिभागियों को आर्टीजन कार्ड बनबाने हेतु भी निदेशित किया।इन्टैक बिहार के को कन्वेनर डा शिव कुमार मिश्र ने बताया कि हमारा अगला रेसिडेंसियल प्रोग्राम एवं दिल्ली प्रदर्शनी की तिथि शीघ्र घोषणा की जायेगी।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की शिल्प सूची में पटना कलम को शामिल करने हेतु अनुरोध किया गया है। प्रतिभागियों को सुप्रसिद्ध चिकित्सक एवं कला मर्मज्ञ डा हिमांशु राय, पटना प्लानेट के अजफर अहमद, वरिष्ठ पत्रकार अरुण सिंह,डा बिनय कर्ण, कमल नयन श्रीवास्तव, निफट पटना के प्रोफेसर जयंत कुमार,निभा लाभ, अल्का दास, कल्पना कुमारी, संगीता कुमारी, रामू कुमार, जीतेन्द्र मोहन,भारत भूषण झा, स्पृहा सिंह, हृदय नारायण झा, मजहर इलाही,रवि शंकर उपाध्याय, सुमित सौरभ आदि द्वारा उत्साहवर्धन किया गया।
