पटना। बिहार अराजकीय प्राथमिक शिक्षक महासंघ ने शुक्रवार को मीठापुर स्थित विग्रहपुर चौराहा के पास कार्यकारिणी बैठक की। बैठक में महासंघ ने अराजकीय प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के वर्षों से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील की।
महासंघ के अध्यक्ष सुदामा ठाकुर ने कहा कि 54000 विद्यालयों की शेष भाग 390 विद्यालय जिसमें 2020 में 32 विद्यालय झारखंड में चली गई। शेष 358 विद्यालयों की शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी वेतन लंबित है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या को लेकर महासंघ द्वारा पहले भी पूर्व मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक शिक्षकों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य के हजारों शिक्षक लंबे समय से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर सभी लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की। महासंघ के सचिव प्रदीप कुमार ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला हैं और उन्हें समय पर वेतन मिलना उनका अधिकार है। वर्षों से वेतन नहीं मिलने के कारण प्रभावित शिक्षकों एवं उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए तत्काल निर्णय लेना चाहिए, ताकि सभी लंबित वेतन का भुगतान हो सके और शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें। महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री इस मानवीय एवं न्यायोचित मांग पर सकारात्मक पहल करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेंगे। मौके पर संगठन मंत्री सुबोध कुमार सिंह, संगठन महामंत्री सुजय कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष निपु कुमार, उप प्रवक्ता संतोष कुमार सिंह सहित महासंघ से जुड़े सैकड़ों पदाधिकारी मौजूद रहे।
