कर्नाटक चुनाव में अपनी पार्टी के प्रचार में जुटे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मैसूर में दलित नेताओं के साथ मीटिंग में हंगामा देखने को मिला। दरअसल, कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े की दलितों के बारे में कथित विवादित टिप्पणी को लेकर उन्हें कैबिनेट से हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। शाह की दलित नेताओं के साथ एक वार्ता के दौरान उनसे लिखित में कई सवाल पूछे गए, लेकिन उन्होंने कुछ का जवाब दिया। हेगड़े की टिप्पणी पर अपना रूख स्पष्ट करने की प्रदर्शनकारियों की मांग पर जवाब देते हुए शाह ने बोला कि ना तो उन्होंने, ना ही पार्टी का इससे कोई लेना देना है। शाह के जवाब से निराश प्रदर्शनकारियों ने हेगड़े को कैबिनेट से हटाने की मांग की । इसके बाद मैसूर सांसद प्रताप सिम्हा ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की प्रयास की, लेकिन दशा बेकाबू हो गया व हंगामा हो गया । पुलिस ने फौरन ही दलित नेताओं को हिरासत में ले लिया । वहीं, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के सवालों का जवाब देने में नाकाम रहने को लेकर शाह की आलोचना की । पार्टी ने कहा, ” अमित शाह, भाजपा मंत्री अनंत कुमार हेगड़े द्वारा दलितों का अपमान करने के बारे में मैसूर में पूछे गए वैध सवाल का आप जवाब क्यों नहीं दे सकते? ” भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक के CM सिद्धरमैया के गढ़ मैसूर में आज बोला कि उनका” समय” पूरा हो चुका है व अगर उन्हें लगता है कि वे भाजपा एवं आरएसएस के कार्यकर्ताओं के विरूद्ध हिंसा का प्रयोग कर भगवा विचारधारा को फैलने से रोक सकते हैं, तो वह गलतफहमी में हैं। शाह ने विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को कर्नाटक के दौरे के चौथे चरण की शुरूआत की। उन्होंने आज पुराने मैसूर एरिया से अपने दौरे की आरंभ करते हुए बोला कि 12 मई को होने वाले प्रदेश विधानसभा चुनाव में एरिया से सिद्धरमैया व जनता दल सेक्यूलर( जेडीएस) को पुराने मैसूर एरिया से” अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा” लगेगा। बीजेपी की’ नव शक्ति समावेश’ रैली को संबोधित करते हुए शाह ने यहां कहा, ” बोला जाता है कि भाजपा यहां( पुराने मैसूर एरिया में) थोड़ी निर्बल है, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं का कार्य देखने के बाद मुझे उम्मीद है कि सिद्धरमैया जी व जेडीएस को इस( पुराने) मैसूर एरिया से अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा सदमा लगेगा। ” पिछले चुनाव में भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान शाह मैसूर, चामराजनगर, मांड्या व रामनगर जिलों का दौरा करने वाले हैं। वोक्कालिगा समुदाय का असर एरिया माने जाने वाले इन चार जिलों की कुल26 विधानसभा सीटों में से बीजेपी2013 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। इसके अलावा, यह CM सिद्धरमैया का गृह एरिया है।सिद्धरमैया मैसूर के रहने वाले हैं। पुराने मैसूर में मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी व पूर्व पीएम एच डी देवगौड़ा की अगुवाई वाली जेडीएस के बीच माना जा रहा है। इस सप्ताह की शुरूआत में दावणगेरे में अपनी जुबान फिसलने की तरफ संकेत करते हुए उन्होंने बोला कि उन्होंने सिद्धरमैया के करप्शन का जिक्र करते वक्त अपने संबोधन में गलती कर दी थी, लेकिन राज्य की जनता ऐसी गलती नहीं करेगी, क्योंकि वह सिद्धरमैया के शासन को अच्छी तरह जानती है। उन्होंने कहा, ” सिद्धरमैया व राहुल गांधी सिद्धरमैया के करप्शन के बारे में बोलते वक्त मुझसे हुई गलती पर बहुत ज्यादाखुश थे। मैंने गलती की थी, लेकिन कर्नाटक के लोग ऐसी गलती नहीं करेंगे, क्योंकि वे सिद्धरमैया गवर्नमेंट को बहुत अच्छी जान गए हैं। ”
सिद्धरमैया का समय पूरा हो चुका है : अमित शाह
