पटना-बिहार की राजधानी पटना में पिछले दिनों हुई बारिश ने यहां के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोल दी। नालंदा मेडिकल क़ॉलेज अस्पताल में घुटने तक भरा है और ये झील की तरह नजर आ रही है। आलम ये है कि आईसीयू तक में पानी घुस गया है।ईसीयू वार्ड में घुटने तक पानी लगा हुआ है और मरीज जहां बेड से नीचे नहीं उतर रहे है, वहीं डॉक्टर और नर्श पानी में घुसकर इलाज करने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं अस्पताल के चारों ओर हुए जल-जमाव और उसके बदबू से मरीज और डॉक्टर दोनो परेशान है। स्थिति यह है कि यहां इलाज कराने आए मरीजों को दूसरी ही बीमारी लगने का खतरा पैदा हो गया है। पटना में बरसात के दिनों में जलजमाव नहीं होने के सरकार और पटना नगर निगम की ओर से बड़े-बड़े दावे किए गये थे। भारी राशि खर्च कर चार महीने पहले ही नगर निगम की ओर से नालों की उड़ाही का दावा किया गया था, लेकिन महज दो दिन के बरसात में ही पूरी राजधानी पानी-पानी हो गई है। नगर निगम और सरकार के दावे पूरी तरह से फेल हो गए है। महज दो दिन के बरसात में राजधानी का यह हाल है तो आनेवाले समय में क्या होगा, इसका तो भगवान ही मालिक है।
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