त्रि-सदस्यीय कमिटी के द्वारा की जा रही है बीसीए अध्यक्ष सहित अन्य पर हुए तीन एफ़आईआर की पुन: जांच

पटना: बिहार के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के द्वारा बिहार क्रिकेट संघ के अध्यक्ष सहित अन्य लोगों के खिलाफ पूर्व में दर्ज हुई तीन एफ़आईआर की पुन: जांच की जा रही है। इस जांच के लिए एस पी वेस्ट के अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमिटी का गठन किया गया है। कोतवाली थाना कांड 49/23, एस के पूरी थाना कांड संख्या 337/24 और साइबर थाना कांड संख्या 632/24 में एफ़आईआर दर्ज होने के बाद जांच अधिकारी के द्वारा तीनों एफ़आईआर को फाइनल कर दिया गया था। इन तीनों एफ़आईआर में फाइनल किए जाने के विरुद्ध अदित्या प्रकाश वर्मा ने बिहार के पुलिस महानिदेशक के यहाँ गुहार लगाई और कहा कि हुए जांच में अपराध के साक्ष्य रहने के वावजूद इन मामलों को जांच अधिकारी के द्वारा फाइनल कर दिया गया है अत: इसकी जांच किसी वरीय पदाधिकारी के नेतृत्व में कराने की कृपा की जाय।

अदित्या प्रकाश वर्मा के आवेदन पर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर पटना प्रक्षेत्र के आई जी ने वेस्ट एस पी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमिटी का गठन कर दिया, जिसके द्वारा जांच की कारवाई की जा रही है।
जांच कमिटी गठित किए जाने के मामले को लेकर अदित्या वर्मा ने बताया कि कोतवाली थाना 49/23 में जांच अधिकारी को अधिराज जौहरी का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मिल जाने के वावजूद केस को फाइनल किया गया, एस के पूरी थाना 337/24 में कोषाध्यक्ष के मृत्यु हो जाने के बाद नगद की निकासी और दूसरे के खाते में आरटीजीएस किया जाता है और सबसे बड़ी बात तो यह कि उस आरटीजीएस को करने के लिए एक मात्र जीवित हस्ताक्षरी 28 जून 2024 को बीसीए अध्यक्ष राकेश कुमार तिवारी बैंक को पैसा ट्रांसफर करने के लिए कनफर्म करते हैं। इसके बाद भी जांच अधिकारी ने पर्वेक्षीय पदाधिकारी के निर्देश पर इस केस को तथ्य की भूल कोटि का करार देते हुए फाइनल कर दिया। साइबर थाना 632/24 में मामले को दीवानी प्रकृति का बताते हुए फाइनल कर दिया गया जबकि यह बिहार क्रिकेट संघ की बौद्धिक संपत्ति को हड़पने का मामला है।
जांच में हुई इसी प्रकार की अनियमितताओं को लेकर इन तीनों मामले की जांच एक विशेष कमिटी के द्वारा की जा रही है। इस कमिटी के तीनों पदाधिकारी बेहद साफ सुथरे छवि वाले पदाधिकारी हैं। मुझे उम्मीद है कि एस पी वेस्ट भानु प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित कमिटी, एस दी पी ओ सदर-1 आईपीएस अभिनव और सचिवालय पुलिस उपाधीक्षक डा अन्नू पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। बिहार क्रिकेट से जुड़ा हुआ हर व्यक्ति को उम्मीद है कि सच्चाई सबके सामने आएगा।

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