परिवार नियोजन में विकल्पों पर जोर देने का वक्त

– कार्यशाला में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद
– चरणबद्ध तरीकों से लक्ष्य हासिल करने की सलाह
– 517 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर मौजूद होगें परिवार नियोजन के विकल्प

मुजफ्फरपुर। 13 जनवरी
मिशन परिवार विकास अभियान की सफलता के बाबत सोमवार को जिले में सोमवार को एक नीजी होटल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन सिविल सर्जन डाॅ. शैलेश प्रसाद सिंह ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए सिविल सर्जन डाॅ. सिंह ने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद परिवार नियोजन के विकल्प के तरफ ध्यानाकर्षण करना है ताकि लोग इससे जुड़ पाएं। इसके पांच चरणों को समझाते हुए कहा इसके पहले चरण में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार प्रखंड स्तर पर बीडीओ की अध्यक्षता में जन प्रतिनिधि , स्वास्थ्य विभाग, जीविका, जन प्रतिनिधि एवं मीडिया के साथ बैठक करना है। वहीं द्वितीय चरण में आशा आंगनबाड़ी सेविका के द्वारा दंपत्ति संपर्क कर इच्छुक को विकल्प चुनने वालों की सूची तैयार करना है। तृतीय चरण में 20 जनवरी को 517 स्वास्थ्य उपकेंद्रों में एएनएम की अध्यक्षता में बैठक कर सूची का संकलन कराया जाया तथा इस बैठक में आशा, आंगनबाड़ी सेविका तथा चिन्हित एनजीओ होगें ताकि परिवार नियोजन की संख्या में वृद्धि हो। इसका चैथा चरण और महत्वपूर्ण है जिसमें सभी इच्छुक लाभार्थियों को पीएचसी लाकर परिवार नियोजन की सुविधा प्रदान करना है। तथा इसके अंतिम और पांचवे चरण में सभी आंकड़ों का डीएचआईएस2 में डेटा एंट्री कराना शामिल है। कार्यशाला में डीसीएम राजकिरण ने इस मिशन में होने वाले एक्टिवीटी की लोगों को विस्तृत जानकारी दी।
कार्यशाला में केयर जिला संसाधन ईकाईं के डीटीएल सौरभ तिवारी ने कार्यशाला में भाग ले रहे लोगों से अनुरोध किया कि इच्छुक लाभार्थियों को हमें क्वालिटी विकल्प पर जोर देना होगा। इससे लाभार्थियों की संख्या के साथ हम अपने मिशन पर भी आगे बढ़ेगें।
मौके पर सिविल सर्जन डाॅ. शैलेश प्रसाद सिंह, एसीएमओ डाॅ. विनय कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक भगवान प्रसाद वर्मा, केयर डीटीएल सौरव तिवारी, डीसीएम राजकिरण कुमार, डीएएम अफरोज हैदर, डीएमईओ जयशंकर प्रसाद, मेडिकल आॅफिसर हरेन्द्र कुमार शामिल थे।