पटना। पदम विभूषण पंडित बिरजू महाराज के निधन पर राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनके निधन से कला एवम संस्कृति जगत विशेष कर कथक नृत्य के क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कथक नृत्य की कला को नए आयाम पर पहुंचाया। वे इस कला के क्षेत्र के बेताज बादशाह थे। वे कई नामचीन पुरस्कारोंं से सम्मानित थे। उन्हें देश के श्रेस्ठ राष्ट्रीय पुरुस्कार पदम विभूषण से सम्मानित किया गया था। देश दुनिया मे उन्होंने अपनी कलात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित कर भारत के नाम को दुनियाँ मे रोशन किया था। उन्हें संगीत नाट्य अकादमी एवं काली दास सम्मान पुरस्कार से भी नवाजा गया था। उनके निधन से कला जगत का एक रोशन सितारा ओझल हो गया है।
बिरजू महाराज के निधन पर लालू ने जताया शोक
लालू प्रसाद की हनुमान चालीसा... पहले रिम्स के वार्ड, फिर कॉटेज और अब डायरेक्टर बंगले में भर्ती लालू प्रसाद के बंदी जीवन में एक बात कॉमन है। वह है उनकी हनुमान भक्ति। इनके कमरे से हनुमान चालीसा पढने की तेज़ आवाज़ पहले भी आती थी और अब भी। शायद राजद के ये महाबली कुछ ज्यादा ही बेचैन हैं. रिम्स में लालू की सेवा में लगे लोग बताते हैं कि जय हनुमान ज्ञान गुण सागर का स्वर पहले इतना तेज़ नहीं था, सियासत के महाबली लालू एकाकीपन के इन क्षणों में शायद बिहार की भावी राजनीति और इस विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की भूमिका का भी रेखा चित्र बना रहे हैं.
