कंकड़बाग नाला निर्माण मामला- पार्षद पिंकी यादव ने झाड़ा पल्ला- कहा, निर्माण रोकने की मुहिम में मै नहीं हूँ शामिल, नाला निर्माण से मिलेगी जल जमाव से मुक्ति

कंकड़बाग जल जमाव मुक्ति के लिए बन रहे नाला के निर्माण पर शुरू हुई राजनीति और विरोध-प्रतिरोध के बाद स्थानीय वार्ड पार्षद पिंकी यादव ने कहा है कि वे नाला निर्माण के विरोध में कतई भी नहीं हैं। नाला निर्माण में हो रहे विरोध में मेरा नाम गलत तरीके से घसीटा जा रहा है।

पिंकी यादव ने बयान जारी कर कहा कि पिछले 17 दिनों से जीरो पॉइंट नाला को लेकर मेरा नाम जो दिया जा रहा है वह सरासर गलत है। उस मुद्दे पर कहना चाहती हैं कि पोस्टल पार्क, इंदिरा नगर, जवाहर कॉलोनी, नवरतनपुर, संजय नगर, राम लखन पथ क्षेत्र को जल जमाव से मुक्ति हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2019 में वार्ड 31 के अंतर्गत दो योजना का चयन पोस्टल पार्क, जवाहर कॉलोनी एवं इंदिरा नगर, संजय नगर और जगदम्बा स्वीट्स होते हुए जीरो पॉइंट निर्माण स्वीकृति एवं राशि आवंटन किया था। जिसे पथ प्रमंडल पटना नगर निगम के द्वारा कार्य कराया जा रहा है। जिसके निर्माण से जलजमाव से मुक्ति मिल जाएगी।

इसी क्रम में वार्ड 32 के अंतर्गत नगर विकास एवं आवास विभाग पटना के द्वारा जीरो पॉइंट सबसे राम लखन पथ तक आरसीसी नाला निर्माण का तीसरे योजना का प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। पटना दक्षिण नागरिक संघर्ष समिति के अध्यक्ष के द्वारा तीनों नाला निर्माण पर रोक लगे जिस मांग से मैं सहमत नहीं हूं, क्योंकि ज्ञात हो कि जीरो पॉइंट हाउस का निर्माण कंकड़बाग के पश्चिम क्षेत्रों अशोक नगर, राम लखन पथ, पश्चिम इंदिरानगर, नवरतनपुर, संजय नगर आदि मोहल्लों जलजमाव से मुक्ति हेतु किया गया है।

उन्होंने कहा कि चुकि मैं वार्ड 31 का वार्ड पार्षद हूं इसलिए इसलिए पार्षद के रूप में पिछले 2007 से 2017 तक प्रतिनिधित्व कर चुकी हूं और यहां के जल जमाव की समस्या से वाकिफ हूं। अगर कोई संगठन या जनप्रतिनिधि पोस्टल पार्क के पानी के निकास न्यू बाईपास क्षेत्र होने के बाद करता है तो वह गलत है और संभव नहीं है।

मेरी आपत्ति तीसरे आरसीसी नाला निर्माण को लेकर है अगर उस लाला को जीरो पॉइंट से मिलाने के स्थान पर द्वारिका कॉलेज से पूरब देना बैंक के समीप एनबीसीसी के द्वारा निर्मित नाला में होता है तो कंकड़बाग पश्चिम क्षेत्र का पानी के द्वारा बरसात के दिनों में पानी 0.2 एवं एनबीसीसी द्वारा निर्मित दोनों सबको बरसात के दिनों में पानी दुगनी क्षमता से जाता है और इन इलाकों को जलजमाव से फ़ौरन मुक्ति मिल जाती है।

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