लोक वित्त की निधि का उपयोग सरकार की उपलब्धियों के गुणगान में व्यय करने संबंधी मंत्री की घोषणा के संबंध में इप्टा ने दिया आवेदन, कहा हम कलाकार भी हैं प्रभावित

पटना : लोक वित्त की निधि का उपयोग सरकार की उपलब्धियों के गुणगान में व्यय करने संबंधी मंत्री, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार की घोषणा के संबंध में बिहार इप्टा के माहासचिव तनवीर अख़्तर ने आवेदन देते हुए लिखा है कि कोविड-19 की महामारी से आम जन के साथ हम कलाकार, संस्कृतिकर्मी भी प्रभावित हैं। वैसे कलाकार जिनकी आजीविका कलाकर्म पर आश्रित है, वे अत्यंत दुर्भिक्ष स्थितियों का सामना कर रहे हैं।

ऐसी स्थिति में बिहार सरकार द्वारा फौरी राहत की घोषणा सराहनीय है, परंतु सूचना एवं जन संपर्क विभाग के फ़ेसबुक पेज पर मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार द्वारा यह घोषणा करना कि सहायता हेतु समर्पित की जाने वाली सांस्कृतिक प्रविष्टि कोरोना महामारी और इसके बचाव के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले कार्यों पर केन्द्रित होगी। यह घोषणा दुर्भाग्यपूर्ण है और लोक वित्त के दुरुपयोग से संबंधित है। प्रासंगिक वीडियो का लिंक निम्नवत है;

https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=2497892340314278&id=1259456980824493

सरकार की उपलब्धियों को जन मानस के बीच ले जाने के लिए सरकार के पास एक अलग निधि आवंटित होती और इसकी जवाबदेही सूचना एवं जन संपर्क विभाग, बिहार सरकार की होती है।

मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार द्वारा सरकार की उपलब्धियों को लेकर प्रविष्ठियां भेजने वाले कलाकारों को सम्मानित करने की घोषणा अमर्यादित और अनैतिक है। ऐसा प्रतीत होता है कि इस संकट काल कलाकारों से सरकार की उपलब्धियों का गुणगान करवाने के लिए विवश करना मंत्री की कला और कलाकर्म के प्रति हीन भावना का द्योतक है। यह कृत्य कलाकारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कलाकर्म को चाकरी में लगाने जैसा हैं। हम इसकी तीव्र निंदा करते हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि कलाकर्म केवल गीत, नृत्य और नाटक तक ही सीमित नहीं बल्कि इसमें प्रदर्श एवं चाक्षुष कला के विविध रूप शामिल है और इस विपदा की घड़ी में सभी कलाकार समरूप पीड़ित हैं। इस लिए आवश्यक है कि सहायता योजना का विस्तार किया जाय और कलाकारों को अधिकतम सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से अर्हता व्यापक और समावेशी बनाई जाय।

श्री अख्तर ने अपने आवेदन में मांग किया है कि माननीय मंत्री, कला संस्कृति एवं युवा विभाग की उक्त घोषणा को अविलंब वापस लिए जाने का निर्देश दिया जाए और सभी संभव संचार माध्यमों से श्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रविष्टियों को शामिल करने संबंधित सूचना ज्ञापित की जाय। साथ ही, यह अंकित किया जाय कि सरकार की उपलब्धियों का आख्यान करने वाली प्रविष्टियां रद्द मानी जाएगी।

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