दीघा विधानसभा में बदल रहे हैं समीकरण, भाजपा के संजीव चौरसिया को बिट्टू सिंह दे रहे कड़ी टक्कर

25 अक्टूबर, पटना। राजधानी पटना की दीघा विधानसभा सीट इस बार चर्चा के केंद्र में है। यहां चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्माता जा रहा है और राजनीतिक समीकरणों में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों की माने तो भाजपा के दो बार के विधायक डॉ. संजीव चौरसिया को इस बार प्रशांत किशोर की पार्टी के उम्मीदवार बिट्टू सिंह से कड़ी चुनौती मिल रही है।

चुनावी प्रचार के दौरान दीघा क्षेत्र की गलियों और मोहल्लों में जिस तरह की भीड़ बिट्टू सिंह के साथ दिखाई दे रही है, उससे माहौल में काफी बदलाव नजर आ रहा है। स्थानीय मतदाताओं में युवाओं के बीच बिट्टू सिंह की लोकप्रियता बढ़ती नजर आ रही है।

वहीं, भाजपा के उम्मीदवार और वर्तमान विधायक संजीव चौरसिया को बीजेपी के कैडर वोटर का पूरा भरोसा है, पर कहीं कहीं जनता के बीच कुछ आक्रोश और असंतोष का सामना भी करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि पिछले कार्यकालों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए, जिसके कारण एक “परिवर्तन की चाह” अब स्पष्ट रूप से दिख रही है। गौरतलब है कि पटना नगर निगम के महापौर के चुनाव में बिट्टू सिंह की पत्नी ने दीघा विधान सभा क्षेत्र से अच्छा वोट लाया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार दीघा सीट पर मुकाबला “भाजपा बनाम प्रशांत किशोर की पार्टी” के रूप में दिलचस्प रूप ले चुका है। महागठबंधन की उम्मीदवार इस दौड़ में अभी तक प्रभावशाली स्थिति में नहीं दिख रही हैं, जिससे मुकाबला और भी सीधा और रोमांचक हो गया है।

चुनाव अभियान के दौरान बिट्टू सिंह ने जनता से सीधे संवाद पर जोर दिया है और “स्थानीय मुद्दों पर समाधान” को अपना मुख्य एजेंडा बनाया है। वहीं, भाजपा की ओर से भी संगठन पूरी ताकत से मैदान में उतर चुका है और मंत्री, सांसद व वरिष्ठ नेता लगातार प्रचार में जुटे हुए हैं।

कुछ निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में डटे हुए हैं, जो वोटों का बिखराव कर सकते हैं। यदि वोटो का बिखराव होता है तो ऐसी स्थिति में नुकसान बीजेपी प्रत्याशी को होगा यह तय है।

तेजी से बदलते समीकरणों के बीच दीघा विधानसभा सीट अब पटना की सबसे हॉट सीटों में से एक मानी जा रही है। मतदाता चुप हैं, लेकिन माहौल यह संकेत दे रहा है कि यदि बीजेपी के कैडर वोटर पाला बदलते हैं या मतदान के प्रति निराशाजनक रवैया अपनाते हैं तो इस बार का परिणाम चौंकाने वाला हो सकता है।

अनूप नारायण सिंह के साथ स्थानीय संवाददाता की रिपोर्ट

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