कमल की कलम से – आज हम आपको लिए चलते हैं दिल्ली के लक्ष्मीनारायण मन्दिर।

यह बिड़ला मन्दिर के नाम से भी जाना जाता है उद्योगपति जी. डी. बिड़ला द्वारा 1938 में बनाई गई यह…

हाजीपुर – ”बिहार प्रदेश का खजुराहो” – नेपाली मंदिर, जानिए क्यों हुआ था इस मंदिर का निर्माण

अपने कण कण में इतिहास समेटे बिहार की भूमि में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो उचित देखरेख के अभाव…

उच्चैठ सिद्धपीठ : जहा कालिदास ने मां भगवती के मुख पर पोत दी थी कालिख

बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में मां काली का सिद्घपीठ, उच्चैठ भगवती का मंदिर अवस्थित है। इस मंदिर…

भारत की एक लड़की की होती है हर बात सच, जानिये कैसे

क्‍या कोई कुछ कह’ दे और उसका हर बार कहा सच हो जाये। ये संभव हो सकता है क्‍या ?…

मां नकटो भवानी – जनश्रुतियों के मुताबिक कामाख्या से चलने के बाद मां ने देवीगंज में भी किया था विश्राम

मुरादें पूरी करती हैं नकटो भवानी बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड के देवीगंज में स्थित मां नकटो भवानी…

सारण – गंगा व माही के संगम पर स्थित डुमरी-बुजुर्ग की कराती माई “माँ कालरात्रि” सब की इच्छा पूर्ण करती हैं।

दक्षप्रजापति क्षॆत्र व हरिहर क्षॆत्र की सीमा स्थित नयागाँव डुमरी-बुजुर्ग गाँव में सर्वेश्वरी की सातवीं शक्ति माँ कालरात्रि न सिर्फ…