लखीसराय। जमीन घोटाले और कथित फर्जी दानपत्र मामले में गिरफ्तार नगर परिषद उपसभापति शिवशंकर राम को कोर्ट से राहत मिल गई है। उनका जमानत आवेदन स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद देर रात तक जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले लोदिया निवासी प्रशांत कुमार की शिकायत पर पुलिस ने शिवशंकर राम को बड़हिया से गिरफ्तार किया था। आरोप था कि जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। जांच के दौरान रजिस्ट्री रिकॉर्ड में संबंधित कागज दानपत्र नहीं, बल्कि बंधक विलेख (मॉर्टगेज डीड) के रूप में दर्ज पाया गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया था।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के निर्देश पर की गई थी। गिरफ्तारी के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई थी और मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका था।
अब जमानत मंजूर होने के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं विरोधी पक्ष इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए जांच पूरी होने तक इंतजार की बात कर रहा है।
हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच जारी रहेगी और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश भी चल रही है। जमानत मिलने के बावजूद केस खत्म नहीं हुआ है और आगे की सुनवाई में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि रिहाई के बाद शिवशंकर राम इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और राजनीतिक स्तर पर इसका क्या असर पड़ता है।
