हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल है बिहार का यह शिव_मंदिर

Posted on February 17, 2020 By बिहार पत्रिका डेस्क

समस्तीपुर :-  करीब 17 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम मोरवा प्रखंड के सुल्तानपुर मोरवा में स्थापित हैं- खुदनेश्वर महादेव।मंदिर का नाम खुदनी नामक मुस्लिम महिला के नाम पर रखा गया है, जिसको इस स्थान के खुदाई के दौरान शिवलिंग मिला और तत्पश्चात वह भगवान शिव की भक्त बन गयी। खुदनी बीवी की मृत्यु प्रश्चात उसकी इच्छानुसार उसके पार्थिव शरीर को शिवलिंग से एक गज दक्षिण में दफना दिया गया।

इसके बाद इस स्थान का नाम खुदनी बीवी के नाम पर खुदनेश्वर स्थान रख दिया गया।यह सामाजिक सौहार्द एवं साम्प्रदायिक एकता का अनुपम स्थल है। यहां बाबा खुदनेश्वर के शिव¨लग एवं खुदनी बीबी के मजार की पूजा अर्चना श्रद्धा एवं विश्वास के साथ की जाती है। यह स्थल अपने आप में अद्वितीय है।

प्रचीन ¨कवदन्ती है कि सात सौ वर्ष पूर्व यहां घनघोर जंगल था जहां आस पास के लोग मवेशी चराया करते थे। वहीं मुस्लिम बाला खुदनी बीबी अक्सर गाय चराया करती थी। परन्तु, शाम के समय गाय के थन से दूध नहीं निकलता था। इस पर परिवार वालों को आश्चर्य हुआ। एक दिन गाय चराने के क्रम में खुदनी ने देखा कि गाय एक झुरमुट में खड़ी है तथा उसके थन से अपने आप एक निश्चित स्थान पर दूध गिर रहा है।

यह देख उसे बड़ा आश्चर्य हुआ। इस घटना को जब लोगों ने सुना तो उस स्थल पर खुदाई की गई। जहां भव्य शिव¨लग दिखाई पड़ा। खुदाई के क्रम में कुदाल लगने से शिव¨लग का उपरी भाग कट गया जो साक्ष्य के रूप में आज भी देखा जा सकता है। खुदनी बीबी के मरणोपरान्त शिव के स्वप्न के मुताबिक शिव¨लग के बगल में मात्र डेढ़ गज की दूरी पर उन्हें दफनाया गया।

उन्हीं के नाम पर इस स्थल का नामकरण खुदनेश्वर स्थान पड़ा। ब्रिटिश समय में नरहन स्टेट ने 1858 में एक मंदिर का निर्माण कराया। जिसकी देख-रेख के लिए पुजारी भी नियुक्त किया गया। कालान्तर में मंदिर की जीर्ण-शीर्ण अवस्था को देख आपसी सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण प्रारंभ किया गया। निर्माण के क्रम में 2008 में बिहार धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष किशोर कुणाल का ध्यान आकर्षित कराया गया। न्यास बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा स्थल निरीक्षण के उपरान्त पंजीकरण के साथ आर्थिक सहायता करते हुए पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की गई। इस धाम का पंजीयन संख्या- ”3783 श्री शिव मंदिर खुदनेश्वर धाम” मोरवा है|
समस्तीपुर जिला मुख्यालय से बस के द्वारा दक्षिण-पश्चिम में 15 किमी पर गंगापुर चौक है। वहां से लगभग 2 किमी दक्षिण खुदनेश्वर धाम अवस्थित है। ताजपुर चौक से 5 किमी दक्षिण-पूर्व की ओर खुदनेश्वर धाम अवस्थित है जहां से निजी वाहन के माध्यम से पहुंचा जा सकता है। मंदिर के दक्षिण दिशा में मात्र 5 किमी की दूरी पर एनएच 103 पर सरैया चौक है, जहां से निजी वाहन द्वारा धाम तक पहुंचा जा सकता है।
पूजा अर्चना-वैसे तो यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, परन्तु पूरे सावन, शिव पंचमी एवं महा शिवरात्रि के अवसर पर भारी मेला का भव्य आयोजन होता है। इस अवसर पर आस-पास का क्षेत्र भक्ति रस में सराबोर रहता है, तथा हर-हर बम-बम के मत्रोच्चार से दिशाएं निनादित हो उठती हैं।

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