डॉ. जगन्नाथ पटनायक पुनः आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, सिक्किम के कुलपति नियुक्त

गंगटोक, सिक्किम | 27 फरवरी 2026 — ICFAI University, Sikkim ने डॉ. जगन्नाथ पटनायक को पुनः पांच वर्षों के लिए कुलपति नियुक्त करने की घोषणा की है। उनकी यह नियुक्ति 27 फरवरी 2026 से प्रभावी होगी। यह निर्णय सिक्किम प्राइवेट यूनिवर्सिटीज (स्थापना एवं विनियमन) अधिनियम, 2025 की धारा 23 (1) के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया गया तथा 6 फरवरी 2026 को आयोजित शासी निकाय की 46वीं बैठक में अनुमोदित किया गया।
डॉ. पटनायक को देश के वरिष्ठतम कुलपति के रूप में मान्यता प्राप्त है। वे विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में 16 वर्षों तक कुलपति के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनके नेतृत्व में शैक्षणिक मानकों में सुधार, नवाचार को बढ़ावा और वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने जैसे कई परिवर्तनकारी कदम उठाए गए। कुलपति के अतिरिक्त उन्होंने अकादमिक जगत में 15 वर्षों से अधिक समय तक विभिन्न वरिष्ठ प्रशासनिक और निदेशक पदों पर कार्य करते हुए शिक्षा नीति और बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, सिक्किम से जुड़ने के बाद उनके मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अत्याधुनिक पाठ्यक्रम, शोध-आधारित कार्यक्रमों और उद्योग जगत के साथ कौशल विकास साझेदारियों के माध्यम से विश्वविद्यालय ने प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, होटल एवं पर्यटन प्रबंधन, विधि तथा लिबरल आर्ट्स जैसे क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
पूर्व में डॉ. पटनायक Kalinga University, Raipur में कुलपति रह चुके हैं, जहां उन्होंने संस्थागत रैंकिंग और छात्र परिणामों में सुधार के लिए व्यापक सुधार लागू किए। इसके अलावा वे Singhania University में प्रो-चांसलर, तंजानिया स्थित International Medical and Technological University में रजिस्ट्रार तथा Manipal Academy of Higher Education और Bharati Vidyapeeth University जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
30 से अधिक वर्षों के अपने शैक्षणिक, प्रशासनिक और अंतरराष्ट्रीय अनुभव के दौरान डॉ. पटनायक मानवाधिकार, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के करियर विकास से जुड़े अभियानों में भी सक्रिय रहे हैं। वे Confederation of Indian Universities के उपाध्यक्ष हैं तथा British Medical Journal और भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल एडवाइजरी फोरम जैसे प्रमुख निकायों से भी जुड़े रहे हैं। उन्हें भारत के सबसे युवा कुलपतियों में शामिल होने और ‘वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में स्थान पाने का गौरव भी प्राप्त है।

पुनर्नियुक्ति पर डॉ. पटनायक ने कहा,

“इस विश्वास के लिए मैं आभारी हूं और आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, सिक्किम को प्रतिभा संवर्धन, रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हम मिलकर एक ऐसे भविष्य-उन्मुख संस्थान का निर्माण करेंगे जो विद्यार्थियों को बदलती दुनिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सक्षम बनाए।”
विश्वविद्यालय समुदाय को उनके नेतृत्व में नई पहलों की शुरुआत की उम्मीद है, जिसमें लिंगडोक, गंगटोक स्थित 17 एकड़ परिसर का विस्तार तथा कौशल विकास और शोध के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करना शामिल है।

आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, सिक्किम के बारे में

आईसीएफएआई विश्वविद्यालय, सिक्किम अधिनियम, 2004 के तहत स्थापित यह विश्वविद्यालय एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (AIU) का सदस्य है। विश्वविद्यालय स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला संचालित करता है। आधुनिक आधारभूत संरचना और नैतिक एवं नवाचारी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ यह विश्वविद्यालय क्षेत्र का एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है।

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