• कंपनी का तिमाही ग्रॉस रेवेन्यू पहली बार ₹3.62 लाख करोड़ के पार, मुनाफे में 33.8 फीसदी की बढ़ोतरी
• ऑयल-केमिकल कारोबार का EBITDA करीब 68 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹25,203 करोड़ पहुंचा
• रिलायंस का छमाही मुनाफा पहली बार ₹50 हजार करोड़ के पार
मुंबई, 30 अक्टूबर 2026: वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। जियो प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती कमाई और ऑयल-केमिकल कारोबार के रिकॉर्ड प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। रिलायंस का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 33.8 फीसदी बढ़कर ₹29,550 करोड़ पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है। कंपनी का ग्रॉस रेवेन्यू भी 27.8 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹3,62,268 करोड़ हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा पहली बार ₹50 हजार करोड़ के पार पहुंचा है।
रिलायंस के इस प्रदर्शन में उसके ऑयल-केमिकल (O2C) कारोबार की बड़ी भूमिका रही। इस कारोबार का EBITDA पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 67.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹25,203 करोड़ पहुंच गया। O2C कारोबार का रेवेन्यू भी 44.2 फीसदी बढ़कर ₹2,31,601 करोड़ हो गया। परिवहन ईंधन के रिफाइनिंग मार्जिन में तेज बढ़ोतरी और पॉलिएस्टर कारोबार के मार्जिन का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना इस प्रदर्शन की प्रमुख वजहों में रहा।
इस दौरान रिलायंस ने कच्चे तेल की आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों का भी सामना किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यवधान के बावजूद कंपनी ने लैटिन अमेरिका, उत्तरी अमेरिका और भूमध्यसागरीय क्षेत्र सहित विभिन्न इलाकों से कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की और रिकॉर्ड मात्रा में क्रूड प्रोसेसिंग की। इससे घरेलू ईंधन की मांग पूरी करने में मदद मिली।
रिलायंस के अन्य कारोबारों ने भी कंपनी के प्रदर्शन में योगदान दिया। जियो प्लेटफॉर्म्स के रेवेन्यू और मुनाफे में बढ़ोतरी हुई, जबकि रिलायंस रिटेल ने तिमाही के दौरान 303 नए स्टोर खोले और डिजिटल कॉमर्स को आगे बढ़ाया। जियोस्टार के रेवेन्यू में भी वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, ऑयल एंड गैस कारोबार का रेवेन्यू लगभग स्थिर रहा, हालांकि CBM उत्पादन बढ़ा। इन सबके बीच रिलायंस का कंसोलिडेटेड EBITDA 23.9 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ₹62,409 करोड़ पहुंच गया। दूसरी तरफ कंपनी का न्यू एनर्जी परियोजनाओं में निवेश जारी है।
मुकेश डी. अंबानी
चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड
इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों में जियो की रिकॉर्ड बनाने वाली लिस्टिंग के साथ ही रिलायंस की वैल्यू क्रिएशन यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण आया। 22 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर शेयर की कीमत में मजबूत बढ़त के साथ इस इश्यू ने कई वैश्विक मानक स्थापित किए हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स अब भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। यह जियो की मजबूत बुनियाद और भविष्य में उसकी वृद्धि की स्पष्ट संभावनाओं पर निवेशकों के गहरे भरोसे को दर्शाता है। मुझे इक्विटी निवेश की उस संस्कृति को फिर से उभरते देखकर गर्व हो रहा है, जिसकी शुरुआत हमारे संस्थापक चेयरमैन ने 1977 में रिलायंस के आईपीओ के दौरान की थी।
वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में जटिल कारोबारी माहौल के बावजूद हमारे व्यवसायों ने मजबूत प्रदर्शन किया। कमोडिटी बाजारों में उतार-चढ़ाव बना रहा और भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव डालते रहे। ऐसे माहौल में हमारे कारोबारी पोर्टफोलियो का घरेलू बाजार पर केंद्रित होना, परिचालन अनुशासन और हमारे एकीकृत कारोबारों की विविध क्षमताओं ने रिलायंस को बाहरी उतार-चढ़ाव से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद की।
इस तिमाही में हमारे O2C कारोबार ने विशेष रूप से मजबूत प्रदर्शन किया। इसकी प्रमुख वजहें ईंधन बाजार में आपूर्ति की तंगी, डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल डेल्टा में सुधार और मजबूत घरेलू मांग रहीं। कच्चे माल की खरीद और विभिन्न बाजारों में उत्पादों की बिक्री को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के साथ-साथ पूरी वैल्यू चेन में हमारी परिचालन क्षमताओं ने हमें बेहतर मार्जिन हासिल करने में मदद की। यह प्रदर्शन हमारे O2C कारोबार की मजबूती और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को दर्शाता है। डिजिटल सर्विसेज कारोबार ने भी इस तिमाही में अपनी मजबूत वृद्धि जारी रखी।
मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज कारोबार में जियो का प्रदर्शन मजबूत रहा और कमाई में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। जियो ने स्वयं का टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित किया है। साथ ही डिजिटल सेवाओं, प्लेटफॉर्म्स और एंटरप्राइज सेवाओं का लगातार विस्तार किया है, जो केवल कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं हैं। जियो का आईपीओ, एक निर्णायक मील का पत्थर है। हमारे लाखों निवेशकों ने हम पर जो विश्वास जताया है, वह ग्राहकों और शेयरधारकों के लिए निरंतर मूल्य सृजन करने वाले स्वदेशी और विश्वस्तरीय डीप-टेक समाधान विकसित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।
रिलायंस रिटेल के लिए भी यह स्थिर वृद्धि वाली तिमाही रही। सभी रिटेल फॉर्मेट्स और चैनलों में वृद्धि जारी रही। उपभोक्ता मांग मजबूत बनी रही, जिसे हमारे व्यापक फिजिकल और डिजिटल नेटवर्क तथा भारतीय उपभोक्ताओं की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने पर लगातार ध्यान देने से समर्थन मिला। हमारे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स कारोबार ने भी वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी और इसके एफएमसीजी ब्रांड्स ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच अपनी पकड़ और मजबूत की।
पूंजी के अनुशासित आवंटन से हमें ऐसे कारोबार खड़े करने में मदद मिली है, जो लंबे समय तक सतत कैश फ्लो देते हैं और भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

ईशा एम. अंबानी
कार्यकारी निदेशक, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड
“हमारे स्टोर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ग्राहकों का भरोसा और उनका लगातार जुड़ाव हमारी वृद्धि का आधार बना हुआ है। हम अपने व्यापक स्टोर नेटवर्क को डिजिटल सुविधाओं, तकनीक और भारतीय उपभोक्ताओं की गहरी समझ के साथ जोड़कर भविष्य के लिए तैयार रिटेल कारोबार बना रहे हैं। तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स और बी2बी चैनलों पर आधारित हमारा नया मॉडल कारगर साबित हो रहा है। इस मॉडल को ऑफलाइन कारोबार से होने वाले मुनाफे के जरिए वित्तीय समर्थन मिल रहा है। टिकाऊ और लाभकारी वृद्धि के लिए लगातार निवेश के साथ हम इस त्योहारी सीजन में देशभर के ग्राहकों को गुणवत्ता, बेहतर मूल्य और अधिक विकल्प उपलब्ध कराने की मजबूत स्थिति में हैं।”
